
भोपाल। राजधानी भोपाल में नगर निगम की आगामी बैठक में जलकर और प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया जा सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, जलकर में 10% और प्रॉपर्टी टैक्स में 15% तक की बढ़ोतरी संभावित है। साथ ही, पानी के बल्क कनेक्शन की फीस को आधा करने पर भी विचार किया जा सकता है।
इस साल नगर निगम का कुल बजट 3300 करोड़ रुपए के आसपास रहने की संभावना है। विपक्षी दल कांग्रेस इस बढ़ोतरी का जोरदार विरोध कर सकता है और बैठक में हंगामे की स्थिति बन सकती है। इसे लेकर बुधवार को भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के पार्षदों ने रणनीति बनाई।
पहली बार मौजूदा परिषद में टैक्स बढ़ाने की योजना
अगर इस बार टैक्स बढ़ता है, तो यह मौजूदा परिषद का पहला ऐसा निर्णय होगा। इससे पहले तीन साल पहले जलकर में बढ़ोतरी की गई थी, जब तत्कालीन निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने बजट पेश किया था और इसे भोपाल संभागायुक्त गुलशन बामरा ने पारित किया था। उस समय जलकर में 15% यानी 30 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। इस बार भी जलकर में 10% की वृद्धि होने की संभावना है, जबकि प्रॉपर्टी टैक्स को 15% तक बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है।
नगर निगम की बैठक की तैयारियां पूरी
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि बैठक को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैठक में टैक्स परिक्षेत्र बदलने को लेकर भी चर्चा होगी। अभी महापौर समेत कई पार्षदों के निवास का प्रॉपर्टी टैक्स झुग्गी बस्तियों के बराबर है, जिसे बदला जा सकता है।
पानी की कीमतों में बदलाव की संभावना
भोपाल शहर में वर्तमान में लगभग पौने तीन लाख नल कनेक्शन हैं, जिनमें से दो लाख कनेक्शन 2400 वर्गफीट या उससे कम क्षेत्रफल वाले मकानों में लगे हैं। लगभग 25 हजार कनेक्शन 2400 वर्गफीट से बड़े मकानों में हैं, जबकि बाकी कनेक्शन गरीब वर्ग के घरों में हैं। वर्तमान में जिनके मकान 2400 वर्गफीट तक के क्षेत्रफल में हैं, उनसे 210 रुपए प्रति माह शुल्क लिया जाता है। तीन साल पहले इस शुल्क में 30 रुपए की बढ़ोतरी हुई थी। जिन मकानों का क्षेत्रफल 2400 वर्गफीट से अधिक है, वे 300 रुपए प्रति माह अदा कर रहे हैं, जबकि गरीब वर्ग के लोगों से 30 रुपए प्रतिमाह जलकर लिया जाता है। इस बार फिर से जलकर में वृद्धि की जा सकती है।
लगभग पिछली बार जितना ही रह सकता है बजट
नगर निगम का पिछला बजट 3353 करोड़ रुपए का था, जिसमें किसी भी टैक्स को नहीं बढ़ाया गया था। हालांकि, उस समय भी जलकर बढ़ाने की संभावना थी, लेकिन विरोध के कारण ऐसा नहीं किया गया था। पिछली बार बजट में अवैध से वैध हुई कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया था। साथ ही, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने की योजना बनी थी, जिसके तहत निगम ने 100 से अधिक इलेक्ट्रिक रिक्शा खरीदे थे।
प्रॉपर्टी टैक्स से मिली राशि वार्डों में होगी खर्च
इस बार बजट में यह प्रस्ताव भी है कि प्रॉपर्टी टैक्स से प्राप्त होने वाली राशि का 50% उसी वार्ड में विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। पिछले बजट में कंवेंशन सेंटर के लिए 10 करोड़ रुपए और तालाबों के सौंदर्यीकरण के लिए 5 करोड़ रुपए की राशि प्रस्तावित की गई थी।
साथ ही, राजधानी की मुख्य सड़कों पर हेरिटेज गेट बनाने का भी प्रस्ताव था, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पाया। हालांकि, निगम कर्मियों के 10वीं और 12वीं की मैरिट लिस्ट में आने वाले बच्चों को 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की योजना को लागू किया जा चुका है।
निगम मुख्यालय की नई बिल्डिंग के लिए भी पेश किया जाएगा अतिरिक्त बजट
बैठक में नगर निगम मुख्यालय की नई बिल्डिंग के लिए अतिरिक्त बजट को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा। लिंक रोड नंबर-2 पर बन रही इस इमारत के लिए पहले 33.27 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। अब इस परियोजना के लिए 6.47 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है। यह प्रस्ताव पहले ही एमआईसी में पास हो चुका है और अब इसे परिषद में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।