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Bhopal News : जिंदा जले दंपति, शवों को पोटलियों में बांधकर ले गई पुलिस

भोपाल। राजधानी के मिसरोद थाना क्षेत्र के जाटखेड़ी इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक दंपति सतीश बिराड़े (26) और आमृपाली (24) घर में आग लगने से जिंदा जल गए। घटना 13-14 नवंबर दरमियानी रात की है, जब उनके कमरे में अचानक आग लग गई। गुरुवार की अल सुबह पड़ोसियों ने कमरे से धुआं उठते देखा और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दंपति के जले हुए शव बरामद किए।

पड़ोसियों ने तोड़ा दरवाजा

गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे पड़ोसियों ने देखा कि सतीश के कमरे से धुआं उठ रहा है। पड़ोसियों ने तुरंत सतीश के परिवार को सूचना दी, जो पास में ही रहते हैं। परिवार और पड़ोसियों ने मिलकर दरवाजा तोड़ा और अंदर का दृश्य देखकर डर गए। बिस्तर पर सतीश और उनकी पत्नी आमृपाली के जले हुए शव पड़े थे।

पूरे घर का सामान भी जलकर खाक

पुलिस के अनुसार, आगजनी में घर के लगभग सभी सामान जलकर खाक हो गए हैं। घर में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फ्रिज, कूलर समेत गृहस्थी का हर सामान जल गया। जिस पेटीनुमा दीवान पर दंपति सो रहे थे, वह भी पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्लाईबोर्ड जलने से दंपति के शव दीवान की पेटी में रखे बर्तनों पर जा गिरे। पुलिस ने शवों को कपड़ों की पोटलियों में बांधकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

तीन साल पहले हुई थी शादी

सतीश और आमृपाली की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। सतीश के माता-पिता पिपलानी इलाके में फूल बेचने का काम करते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति साधारण थी। सतीश और आमृपाली की कोई संतान नहीं थी। परिवार के साथ उनके रिश्तों में हाल ही में कुछ अनबन चल रही थी, जिसके कारण वे अलग घर में रह रहे थे।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

थाना प्रभारी मनीष राज सिंह भदौरिया का कहना है कि इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में लग रहा है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी होगी। कमरे में धीरे-धीरे धुआं भरने से सोते समय दंपति का दम घुट गया होगा। इसलिए पूरी तरह जलने के बाद भी उनके शव एक-दूसरे के पास सोती हुई अवस्था में मिले। जांच में पुलिस आत्महत्या की संभावना को भी ध्यान में रख रही है। हालांकि, पुलिस का मानना है कि अगर आत्महत्या की घटना होती तो कोई अन्य साक्ष्य मिल सकता था, जैसे कोई नोट या पूर्व घटना।

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद वहां से साक्ष्य भी एकत्रित किए है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है। क्योंकि दरवाजा भीतर से बंद था, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि बाहरी व्यक्ति भीतर आया होगा।

अंतिम संस्कार के लिए शवों को कपड़ों में बांधकर ले जाना पड़ा

थाना प्रभारी मनीषराज सिंह भदोरिया ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि शव पूरी तरह से जल चुके थे, केवल हड्डियां और राख बची थी। शवों को पोटलियों में बांधकर अंतिम संस्कार और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

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