भोपाल। राजधानी में डेंगू का खतरा बढ़ रहा है। खासकर के यह छोटे बच्चों को अपनी चपेट में ज्यादा ले रहा है। अब तक भोपाल में 357 डेंगू मरीज मिल चुके हैं। इनमें 14 साल तक के 187 (52%) बच्चे डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, अच्छी बात यह है कि करीब 7 से 10 दिन में मरीज आसानी से रिकवर हो रहे हैं। 2019 में जिन 11 वॉर्डों में सबसे ज्यादा डेंगू के केस मिले थे, मलेरिया विभाग ने उन वॉर्डों में फोकस किया तो केस कम हो गए, लेकिन नेहरू नगर व लालघाटी जैसे नए इलाकों में डेंगू के केस बढ़ रहे हैं। अधिकारी मानते हैं कि डेंगू का अब कोई विशेष हॉटस्पॉट नहीं हैं।
भोपाल में मिले डेंगू के मरीजों पर एक नजर…
आयु वर्ग | कुल |
0 से 1 वर्ष | 14 |
1 से 5 वर्ष | 43 |
5 से 9 वर्ष | 47 |
9 से 14 वर्ष | 83 |
14 साल+ | 170 |
कुल | 357 |
डेंगू के मामले में अतिसंवेदनशील क्षेत्र
जोन नं. | एरिया | केस |
2 | विजयनगर, शिवलोक, लालघाटी | 26 |
14 | साकेत नगर | 18 |
15 | कमला नगर, निजामुद्दीन | 16 |
13 | अमराई बाग सेवनियां, कटारा | 14 |
16 | अयोध्या बायपास, गोविंदपुरा इंड. एरिया | 9 |
बच्चों में भी डेंगू के केस मिले हैं, लेकिन समय पर उपचार मिलने से वे स्वस्थ हो रहे हैं। लोगों को चाहिए कि वे मच्छरों को रोकने के इंतजाम करें। ननि व मलेरिया विभाग अपने स्तर पर रोकथाम कर रहे हैं।
– डॉ. अखिलेश दुबे, जिला मलेरिया अधिकारी, भोपाल