
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की कोर्ट से आतंकवाद के वित्त पोषण मामले में अंतरिम ज़मानत मिलने के बाद बारामूला से सांसद इंजीनियर रशीद बुधवार को तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। वह जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए प्रचार में भाग लेंगे।
साल 2017 के आतंकवाद का वित्तपोषण मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में थे। वह तिहाड़ जेल में बंद थे। एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने बताया, “रशीद को शाम 4.15 बजे जेल से रिहा कर दिया गया।”

लोकसभा चुनाव में उमर अब्दुल्ला को हराया
शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट से जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराया था। जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 3 चरणों में चुनाव होंगे। नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। उनकी पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) विधानसभा चुनाव लड़ रही है।
अपने लोगों के लिए लड़ेंगे : रशीद
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने मंगलवार को उन्हें 2 लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत पर राहत दी। उन्होंने सांसद पर कुछ शर्तें भी लगाईं, जिनमें मामले के बारे में मीडिया से बात नहीं करना शामिल है। रशीद ने जेल से बाहर आने के बाद कहा कि वह अपने लोगों के लिए लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वह कश्मीर के लोगों को एकजुट करने आ रहे हैं, न कि उन्हें बांटने के लिए।
क्या है मामला ?
रशीद का नाम कश्मीरी व्यवसायी जहूर वटाली के खिलाफ जांच के दौरान सामने आया था, जिसे एनआईए ने कश्मीर घाटी में आतंकवादी समूहों और अलगाववादियों को कथित रूप से वित्तपोषित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एनआईए ने इस मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन समेत कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। मलिक को आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद 2022 में एक निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
तीन चरणों में होगी वोटिंग
- जम्मू-कश्मीर में 90 सीटों के लिए 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 3 चरणों में मतदान होंगे।
- पहले चरण के लिए 18 सितंबर, दूसरे चरण के लिए 25 सितंबर और फिर तीसरे चरण के लिए 1 अक्टूबर को वोटिंग करवाई जाएगी।
- नतीजे 8 अक्टूबर 2024 को आएंगे। जीत के लिए बहुमत का आंकड़ा 46 है।
- जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है।
- जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, यहां आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। जिसके बाद 2018 में BJP-PDP का अलायंस टूटा तो सरकार भंग हो गई।
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