
अनुज मैना- ग्लोबल आर्ट फोरम द्वारा जगन्नाथ पुरी में इंटरनेशनल आर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें मप्र के पांच आर्टिस्ट्स भी शामिल हुए, जिनमें तीन आर्टिस्ट्स भोपाल के थे, जिन्होंने जगन्नाथ मंदिर परिसर के पश्चिमी द्वार पर रंगोली बनाई। यह रंगोली पुरी के जगन्नाथ मंदिर और भगवान जगन्नाथ को केंद्र में रखकर तैयार की गई है, जिसका विषय था, प्रतिबिंब – रिफ्लेक्शन ऑफ पुरी। यह विशाल रंगोली भोपाल के गोविंद विश्वकर्मा, वीर सिंह राजपूत, ऋषि बॉथम, जबलपुर की अंजली राउत और सतना की सौम्या जैन ने मप्र का प्रतिनिधित्व करते हुए तीन घंटे में 20 फीट लंबाई और 20 चौड़ाई में तैयार की। रंगोली में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की कहानी को दर्शाया गया।
भारत के साथ 7 अन्य देशों के आर्टिस्ट्स भी हुए शामिल
पुरी में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों के आर्टिस्ट्स के साथ ही नेपाल, भूटान, दुबई, श्रीलंका, हांगकांग जैसे 7 देशों के आर्टिस्ट्स ने भी इसमें हिस्सा लिया। भोपाल के कलाकारों द्वारा बनाई गई इस रंगोली को देखने के लिए मंदिर के पश्चिमी द्वार पर भारी संख्या में जन समूह एकत्रित हो गया। रंगोली के वीडियो को मंदिर प्रशासन ने पुरी मंदिर के सोशल मीडिया के ऑफिशियल पेज पर भी शेयर किया। रंगोली में मंदिर के पुजारी भगवान जगन्नाथ की सेवा में लगे हुए हैं। वहीं, पुरी के राजा को सोने की झाडू से रथ के मार्ग को साफ करते हुए दिखाया गया है।
भूटान के कलाकार बोले, हम भी सीखेंगे
पुरी में आयोजित इस इवेंट में रंगोली और पेंटिंग से संबंधित प्रदर्शन हुए। इसमें भारत के साथ ही विदेशी आर्टिस्ट्स भी शामिल हुए। भूटान से आए दल के सदस्यों ने रंगोली को देखकर उसकी तारीफ की और कहा कि उन्होंने इस तरह का आर्ट पहली बार देखा है। उन्होंने कहा कि हम भी इसे सीखना चाहते हैं। इसके अलावा हमने पुरी के समुद्र तट पर कचरा भी साफ किया। हमने अपनी इस रंगोली में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को दिखाने का प्रयास किया, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। – गोविंद विश्वकर्मा, आर्टिस्ट
मंदिर प्रशासन ने शेयर किया रंगोली का वीडियो
ग्लोबल आर्ट फोरम और पुरी मंदिर प्रशासन द्वारा आयोजित इस फेस्ट में पहली बार इतनी बड़ी रंगोली बनाई गई थी। वहां हमारी रंगोली को देखकर सभी तारीफ कर रहे थे। पुरी के लोगों ने कहा कि रंगोली हमारे यहां भी बनाई जाती है, लेकिन इतनी बड़ी और इतनी आकर्षक रंगोली पहली बार देखने को मिली। इस तरह के इवेंट में अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना और लोगों से सराहना मिलना अपने आप में गर्व का क्षण होता है। हम पांच लोगों ने तीन घंटे में इस रंगोली को पूरा किया। इस रंगोली का वीडियो मंदिर प्रशासन ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। – वीर सिंह राजपूत, आर्टिस्ट