
नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि पार्टी नेतृत्व को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। यह आयोजन भाजपा और आरएसएस कर रहा है, इसलिए पार्टी नेताओं ने इस कार्यक्रम में नहीं जाने का निर्णय लिया है। सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन समेत सभी कांग्रेस नेता इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस ने कहा है कि ये कार्यक्रम भाजपा ने राजनीतिक लाभ के लिए आयोजित किया है।
बीजेपी और आरएसएस ने अपना इवेंट बनाया
सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने एक लेटर शेयर किया है, जिसमें उसने राम मंदिर के उद्घाटन में न जाने के फैसले का कारण बताया है। इसमें कांग्रेस ने लिखा है कि धर्म निजी मामला है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस ने मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम को अपना इवेंट बना लिया है।

मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी को अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन का निमंत्रण मिला। भगवान राम की पूजा-अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं। धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय होता आया है, लेकिन भाजपा और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है और एक अर्द्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ उठाने के लिए ही किया जा रहा है। उन्होंने कहा, वर्ष 2019 के उच्चतम न्यायालय के निर्णय को स्वीकार करते हुए और लोगों की आस्था के सम्मान में खड़गे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन ने भाजपा और आरएसएस के इस आयोजन के निमंत्रण को ससम्मान अस्वीकार करते हैं।
राम मंदिर की विशेषताएं
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की कई विशेषताएं हैं। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर इसकी जानकारी दी गई है। ट्रस्ट के अनुसार राम मंदिर परम्परागत नागर शैली में बनाया जा रहा है। इस मंदिर की लंबाई (पूर्व से पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट तथा ऊंचाई 161 फीट है। मंदिर का निर्माण तीन मंजिला तक है। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट रखी गई है। राम मंदिर में मुख्य गर्भगृह में प्रभु श्रीराम का बाल रूप तथा प्रथम तल पर श्री राम दरबार होगा। जानें विशेषताएं…
- मंदिर में कुल 392 खंभे व 44 द्वार होंगे।
- खंभों व दीवारों पर देवी और देवताओं तथा देवांगनाओं की मूर्तियां उकेरी जा रही हैं।
- दिव्यांगजन एवं वृद्धों के लिए मंदिर में रैम्प व लिफ्ट की व्यवस्था है।
- मंदिर के निर्माण में लोहे का प्रयोग नहीं हुआ है।
- मंदिर के नीचे 14 मीटर मोटी रोलर कॉम्पैक्टर कंक्रीट (RCC) बिछाई गई है। जिसे कृत्रिम चट्टान का रूप दिया गया है।
- 25 हजार क्षमता वाले एक दर्शनार्थी सुविधा केंद्र का भी निर्माण किया जा रहा है।
- मंदिर के चारों ओर आयताकार परकोटा रहने वाला है।
- परकोटा के चारों कोनों पर सूर्यदेव, मां भगवती, गणपति व भगवान शिव को समर्पित चार मंदिरों का निर्माण किया गया है।
- उत्तरी भुजा – मां अन्नपूर्णा का मंदिर रहेगा।
- दक्षिण भुजा – हनुमान जी का मंदिर रहेगा।
मंदिर में 5 होंगे मंडप
- नृत्य मंडप
- रंग मंडप
- सभा मंडप
- प्रार्थना मंडप
- कीर्तन मंडप
मंदिर परिसर में प्रस्तावित अन्य मंदिर
- महर्षि वाल्मीकि
- महर्षि वशिष्ठ
- महर्षि विश्वामित्र
- महर्षि अगस्त्य
- निषादराज
- माता शबरी
- ऋषिपत्नी देवी अहिल्या
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