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2 देश, 10 राज्यों के 200 टन फूलों से सज रही अयोध्या

अयोध्या से मयंक तिवारी। राम आ रहे हैं, दिल से पूरी अयोध्या सजाई जा रही है। इसके लिए विदेशों के साथ देश भर से मंगवाए गए 200 टन फूलों का उपयोग हो रहा है। गर्भगृह में पूजन के लिए भी शास्त्रों के अनुसार जिन फूलों की उपयोगिता है उन्हें चुन-चुनकर मंगवाया गया है। अंतिम दो दिन बचे हैं, लिहाजा कहीं कोई कमी न रह जाए इसके लिए देश भर से 1,400 कारीगरों ने भी दिन रात एक कर दिया है। मुख्य मंदिर के परिसर को सजाने के लिए ही 500 से अधिक विशेष कारीगर बुलाए गए हैं। श्री रामलला के लिए मंदिर से लेकर अयोध्या एयरपोर्ट, मुख्य चौराहों के साथ रेलवे स्टेशन और सरयू के घाटों पर फूलों से विशेष सजावट कराई जा रही है।

24 घंटे काम में जुटे हैं

डेकोरेशन कर रहे न्यू साकेत फ्लावर के डायरेक्टर मोहित मांझी ने बताया कि मुख्य नवनर्मित मंदिर जहां रामलला होंगे, वहां विशेष विदेशी और देशी फूलों से आकर्षक सजावट की जा रही है। थाइलैंड, मलेशिया के साथ भारत के 10 राज्यों, जिसमें पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, ओडिशा, बेंगलुरू आदि से विशेष प्रजाति के फूल मंगवाए गए हैं। फूलों से साजस ज्जा के लिए 3 शिफ्ट में 24 घंटे काम किया जा रहा है। कारीगर कोलकाता, बुलंदशहर, सीतापुर, लखमीपुर, अलीगढ़, बिहार व दिल्ली, उत्तराखंड से आए हैं।

विदेशों से मंगाए फूल…

विदेशी फूलों में लिलियम, एक्सोरा, आर्किड, निम्फिया, एनथूरियम, बेरोसा व देशी फूलों में गेंदा, गुलाब, सेवंती, अशोक के पत्तों का प्रयोग किया जा रहा है।

अंतिम पायदान पर तैयारी

मंदिर परिसर से लगे हुए सभी हिस्सों में पेंटिंग के साथ फाइनल टच देने का काम जोरों पर है। सुरक्षा के लिए तैनात हजारों की संख्या में पुलिस बल के लिए चौकी और भक्तों के प्रवेश पंजीयन के लिए हाइटेक काउंटरों को तैयार किया जा रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर बायपास तक थोड़ी-थोड़ी दूरी पर संतों ने प्रवचन व कथाओं के पंडाल लगाए हुए हैं। इसके साथ ही भंडारों के आयोजन हो रहे हैं। अयोध्या भक्ति रस में डूबी हुई है।

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