
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को उज्जैन नगर निगम जोन क्रमांक 5 के सहायक संपत्तिकर अधिकारी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फरियादी से नामांतरण की नकल निकालने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। आरोपी 30 अप्रैल को रिटायर्ड होने वाले थे।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, एडवोकेट आशिफ हुसैन ने 27 फरवरी को लोकायुक्त से शिकायत की थी। जिसमें आवेदक ने बताया था कि नगर निगम के जोन क्रमांक 5 में उसने नामांतरण प्रकरण की नकल के लिए आवेदन किया था। प्रतिलिपि के लिए दो माह से निगम कार्यालय के चक्कर काट रहा था। इसे देने के एवज में सहायक संपत्तिकर अधिकारी रमेशचंद्र रघुवंशी 2 हजार रुपए की रिश्वत मांग की।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया
लोकायुक्त टीम ने एडवोकेट की शिकायत का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत की मांग सही पाई गई। गुरुवार को सहायक संपत्तिकर अधिकारी ने एडवोकेट को रुपए लेकर कार्यालय बुलाया था। सहायक संपत्तिकर अधिकारी ने जैसे ही एडवोकेट से रुपए लेकर टेबल की दराज में रखे, तभी लोकायुक्त ने उसे दबोच लिया।
रिटायरमेंट से पहले धराया
लोकायुक्त डीएसपी सुनील कालान ने बताया कि आरोपी रघुवंशी का 30 अप्रैल को रिटायरमेंट होने वाला है। आरोपी ने अपने कार्यालय के बाहर दलालो से बचने के लिए एक पोस्टर लगा रखा था जिसमें लिखा है दलालो से सावधान। आरोपी ने 2012 में भी आरोपी पर लोकायुक्त का प्रकरण दर्ज हुआ था।
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