
इंदौर। यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे संत आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत मिलने के बाद सोमवार देर रात इंदौर के खंडवा रोड स्थित आश्रम पहुंचे। आश्रम गेट पर उनके अनुयायियों ने आरती कर उनका स्वागत किया। भारी संख्या में समर्थक और अनुयायी आश्रम के बाहर जुटे रहे। आसाराम करीब दो सप्ताह तक आश्रम में रहकर स्वास्थ्य लाभ लेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को 2013 के बलात्कार मामले में अंतरिम जमानत दी है। हालांकि कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी प्रकार से सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और भक्तों से मुलाकात नहीं करेंगे। इसके बावजूद, आश्रम के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई।
गाड़ी में बैठे-बैठे आसाराम ने उतरवाई आरती
दरअसल, इंदौर के खंडवा रोड स्थित बिलावली में आसाराम का आश्रम है। मंगलवार की रात नौ बजे वह कार से आश्रम पहुंचा। उसके भक्तों को यह पहले खबर थी कि बापू आ रहे हैं। ऐसे में वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा थी। बिलावली आश्रम में जैसे ही आसाराम की गाड़ी पहुंची, वैसे ही उसके भक्तों ने जयकारे शुरू कर दिए। हालांकि वह गाड़ी से नीचे नहीं उतरा। गाड़ी में बैठे बैठे उसने शीशा नीचे किया। इसके बाद उसके भक्तों ने आरती उतारी है। साथ ही डब्बे में कुछ दिया है। वहीं बुधवार की सुबह भी आश्रम के बाहर भारी भीड़ जमा है।
गिरफ्तारी से लौटे 12 साल पहले के घटनाक्रम की यादें
बता दें कि 12 साल पहले, 31 अगस्त 2013 को राजस्थान पुलिस ने आसाराम को इसी इंदौर आश्रम से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान भारी विरोध और हंगामा हुआ था। पुलिस को आश्रम में प्रवेश करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। आरोप है कि उस वक्त आसाराम भोपाल होते हुए इंदौर पहुंचे थे और चार दिनों तक आश्रम में छिपे रहे थे। आसाराम बापू पर एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगा था। इस मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और तभी से वह जेल में थे। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
कोर्ट के आदेशों की पालना जरूरी
अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद कोर्ट ने आदेश दिया है कि आसाराम कोई प्रवचन या आध्यात्मिक सभा नहीं करेंगे। उनके अनुयायियों से मिलने पर भी रोक लगाई गई है। अगर स्वास्थ्य में सुधार होता है तो उन्हें फिर से जेल भेजा जा सकता है। आसाराम को नियमित रूप से मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी होगी। जमानत केवल स्वास्थ्य कारणों से दी गई है, कोई स्थाई राहत नहीं है।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा- आश्रम के बाहर काफी भीड़ हैं। पुलिस कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित कर रही है।
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