
नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति केस में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ED कस्टडी 4 दिन और बढ़ा दी है। अब वे एक अप्रैल तक रिमांड पर रहेंगे। ED ने केजरीवाल की सात दिन की कस्टडी मांगी थी। कोर्ट ने 39 मिनट की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। केजरीवाल ने खुद अपने केस की पैरवी की। वे ऐसा करने वाले पहले देश के पहले सिटिंग सीएम बन गए हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि, क्या 4 स्टेटमेंट एक मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करने के लिए काफी हैं? इसके जवाब में ED ने कहा- मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं हैं।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने की याचिका खारिज कर दी। दिल्ली हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस (ACJ) ने मामले में दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि ये कार्यपालिका का मसला है।
ईडी ने मांगी थी 7 दिन की कस्टडी
ईडी ने अरविंद केजरीवाल की 7 दिनों की कस्टडी की मांग की थी। ASG एसवी राजू ने कहा था कि, केजरीवाल का बयान दर्ज किया गया है और वो सवालों के सीधे-सीधे जवाब नहीं दे रहे हैं। जो डिजिटल डेटा मिला है, उसको भी examine किया जा रहा है। वह पासवर्ड नहीं दे रहे हैं, केजरीवाल का कहना है कि वह अपने वकीलों से बात करेंगे और फिर तय करेंगे कि पासवर्ड दिया जाए या नहीं। वहीं कुछ लोगों को गोवा से बुलाया गया है जिनसे आमने-सामने बैठाकर बयान दर्ज कराना हैं।
केजरीवाल की दलील
दिल्ली सीएम केजरीवाल ने अदालत में खुद अपना पक्ष रखा था। केजरीवाल ने कोर्ट में अपनी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा था कि, ‘ये केस दो साल पहले से चल रहा है। अगस्त 2022 को सीबीआई का केस फाइल हुआ था। फिर ECIR हुई थी। मुझे गिरफ्तार क्यों किया गया जबकि किसी भी अदालत ने मुझे दोषी नहीं माना है। ईडी की मंशा मुझे अरेस्ट करने की थी। इस केस में मेरा नाम सिर्फ चार जगह आया है। क्या 4 स्टेटमेंट एक मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करने के लिए काफी हैं? जिन लोगों ने मेरे पक्ष में बयान दिया था उनके बयान जबरन मेरे विरोध में दिलवाए गए हैं। ये AAP को तोड़ना चाहते हैं।’
दिल्ली सीएम पद से हटाने की मांग वाली अर्जी खारिज
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद से हटाने की याचिका खारिज कर दी। दिल्ली हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस (ACJ) ने मामले में दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि ये कार्यपालिका का मसला है। न्यायिक हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं। यह जनहित याचिका सुरजीत सिंह यादव ने दाखिल की है, जो खुद को किसान और सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं।
केजरीवाल गिरफ्तार होने वाले पहले सिटिंग CM हैं। गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल जेल से ही सरकार चला रहे हैं, क्योंकि उन्होंने कोर्ट में पेशी के समय कहा था कि वे इस्तीफा नहीं देंगे, जरूरत पड़ी तो जेल से सरकार चलाएंगे।
गिरफ्तारी-रिमांड से नहीं मिली राहत
दिल्ली शराब नीति केस में गिरफ्तार हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तारी और रिमांड से दिल्ली हाईकोर्ट ने राहत नहीं मिली। केजरीवाल ने 23 मार्च को अपनी गिरफ्तारी और राउज एवेन्यू कोर्ट के रिमांड के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए फौरन सुनवाई की मांग की थी। जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 मार्च को केजरीवाल को राहत देने से इंकार कर दिया।
इसके अलावा दिल्ली HC ने मुख्य याचिका के साथ-साथ याचिकाकर्ता की अंतरिम रिहाई की अर्जी पर 2 अप्रैल तक ED से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई अब 3 अप्रैल को होगी।
21 मार्च को गिरफ्तार हुए थे केजरीवाल
ईडी ने लगभग दो घंटे की पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें शुक्रवार (22 मार्च) को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने छह दिन की रिमांड दी। 28 मार्च को केजरीवाल की रिमांड अवधि खत्म हुई।
जेल से जारी कर चुके दो आदेश
केजरीवाल अब तक जेल से दो आदेश भी जारी कर चुके हैं।
पहला आदेश : केजरीवाल ने पहला सरकारी आदेश 24 मार्च को जल मंत्रालय के नाम जारी किया था। उन्होंने जल मंत्री आतिशी को निर्देश दिया था कि, दिल्ली में जहां पानी की कमी है, वहां टैंकरों का इंतजाम करें।
दूसरा आदेश : केजरीवाल ने दूसरा सरकारी आदेश 26 मार्च को स्वास्थ्य मंत्रालय के नाम जारी किया था। उन्होंने निर्देश दिए थे कि, मोहल्ला क्लिनिक में गरीबों के लिए दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। लोगों को मुफ्त जांच और दवाई मुहैया कराई जाए।
पत्नी सुनीता ने पढ़कर सुनाया केजरीवाल का मैसेज
शनिवार दोपहर केजरीवाल की पत्नी सुनीता ने वीडियो मैसेज में केजरीवाल का संदेश पढ़कर सुनाया। 3 मिनट 21 सेकंड के इस संदेश में कहा गया कि अब तक मैंने बहुत संघर्ष किया है, आगे भी मेरी जिंदगी में बड़े संघर्ष लिखे हैं। AAP कार्यकर्ताओं से अपील है कि मेरी गिरफ्तारी की वजह से भाजपा वालों से नफरत न करें।

ठग सुकेश चंद्रशेखर ने केजरीवाल के नाम लिखी चिट्ठी
इधर, तिहाड़ जेल में बंद ठग सुकेश ने केजरीवाल के नाम चिट्ठी लिखी है। उसने लिखा- डियर ब्रदर अरविंद केजरीवाल, वेलकम टू तिहाड़ क्लब। मैं बहुत खुश हूं कि मेरे तीनों भाई अब यहां है, तिहाड़ क्लब चलाने के लिए चेयरमैन बिग बॉस- अरविंद केजरीवाल। CEO- मनीष सिसोदिया और COO- सत्येंद्र जैन।
28 मार्च तक ईडी की रिमांड पर सीएम
ईडी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर पर तलाशी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत के समक्ष पेश किया। जहां कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय को रिमांड दी है। उन्हें 28 मार्च को दोपहर 2 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हाल ही में के.कविता को ईडी ने किया था गिरफ्तार
वहीं, इस मामले में ईडी ने हाल ही में तेलंगाना में बीआरएस की एमएलसी और पूर्व सीएम के चंद्रशेखर राव की बेटी के.कविता को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने के.कविता को 23 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया था। शनिवार को अदालत ने के.कविता की हिरासत की अवधि को तीन दिन के लिए और बढ़ा दी है।
पहली बार किसी सीएम की हुई गिरफ्तारी
यह पहला ऐसा मामला है जब किसी मुख्यमंत्री को पद पर रहते हुए ही गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले जो भी सीएम किसी आरोप के कारण जांच या फिर गिरफ्तारी के दायरे में आए थे, उन्होंने अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले झारखंड के पूर्व CM हेमंत सोरेन को ED ने गिरफ्तार किया था। सोरेन ने ED की हिरासत में राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को लेकर की सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या है पूरा मामला ?
दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई। नई शराब नीति लागू करने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई और शराब की पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गई। नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू में बढ़ेगा। नई नीति से रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी।
नई पॉलिसी में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकानें पहले की तरह 850 ही रहेंगी। हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही। जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी। मामले में सीबीआई को जांच ट्रांसफर दी गई। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एंगल आने पर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई। उसके बाद से AAP के कई सीनियर नेता और उनके करीबी सहयोगी जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए।