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Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी केस को लेकर दिल्ली में उबाल! इंडिया गेट से कनॉट प्लेस तक प्रदर्शन, VIP की जांच और CEC के इस्तीफे की मांग

दिल्ली में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। इंडिया गेट पर उनके माता-पिता ने न्याय की मांग उठाई, जबकि कनॉट प्लेस और पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर प्रदर्शनकारियों ने कथित VIP एंगल की पारदर्शी जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान SIR प्रक्रिया का विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठी।
Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी केस को लेकर दिल्ली में उबाल! इंडिया गेट से कनॉट प्लेस तक प्रदर्शन, VIP की जांच और CEC के इस्तीफे की मांग
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कनॉट प्लेस और पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर भी उठी न्याय की आवाज

नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन हुए। उत्तराखंड से दिल्ली पहुंचे अंकिता के माता-पिता ने इंडिया गेट पर धरना दिया, वहीं कनॉट प्लेस और पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर भी प्रदर्शनकारियों ने आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मामले में VIP एंगल की पारदर्शी जांच कराने की है। इसके साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी प्रदर्शन का हिस्सा रही। 

रविवार को कनॉट प्लेस के इनर और आउटर सर्किल में महिलाओं, छात्र संगठनों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने एकत्र होकर विरोध जताया। इस दौरान तिरंगे, मोमबत्तियां और मांगों से जुड़ी तख्तियां दिखाई दीं। प्रदर्शन के बाद अंकिता के माता-पिता के दिल्ली पहुंचने की जानकारी समय पर नहीं मिलने के मामले में पौड़ी गढ़वाल के एलआईयू इंस्पेक्टर सरदेव सिंह को निलंबित किए जाने की खबर भी सामने आई।

इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता का धरना

अंकिता भंडारी के माता-पिता उत्तराखंड से दिल्ली पहुंचे और इंडिया गेट पर धरना देकर न्याय की मांग की। परिवार और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हत्याकांड में कथित VIP चेहरे की भूमिका से जुड़े सवालों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। इस मामले में कथित VIP एंगल को लेकर विवाद बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जांच में किसी भी संभावित पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और परिवार की मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।

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कनॉट प्लेस में सड़कों पर उतरीं महिलाएं और छात्र संगठन

रविवार शाम कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में महिलाएं, छात्र संगठनों के सदस्य और अन्य प्रदर्शनकारी जुटे। प्रदर्शन के दौरान अंकिता को न्याय दिलाने और मामले की जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगे, मोमबत्तियां और तख्तियां थीं। इन पर न्याय, दोषियों को सजा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े संदेश लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और सुरक्षाबलों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए कुछ आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों को अलग-अलग थानों में भेजे जाने की जानकारी दी गई। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर भी उठी पारदर्शी जांच की मांग

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP एंगल की जांच की मांग को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर भी प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले से जुड़े सभी सवालों की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए। इस मुद्दे पर परिवार और आंदोलनकारियों की मांग है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता रहे और तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाए। प्रदर्शन ने एक बार फिर इस मामले को लेकर सार्वजनिक चर्चा को तेज कर दिया है।

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 LIU इंस्पेक्टर निलंबित

अंकिता भंडारी के माता-पिता के दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन करने की जानकारी समय पर नहीं मिलने के मामले में पौड़ी गढ़वाल के एलआईयू इंस्पेक्टर सरदेव सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब हत्याकांड में कथित VIP एंगल को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालांकि, निलंबन के संबंध में उपलब्ध जानकारी से आगे की विभागीय कार्रवाई या जांच के विस्तृत निष्कर्ष स्पष्ट नहीं हैं।

SIR प्रक्रिया के खिलाफ भी प्रदर्शन

दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया गया। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से नहीं हटना चाहिए।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों?

SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर नाराज प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। विपक्षी दलों और आंदोलनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल किए हैं। जानकारी के अनुसार, मतदाता सूची से जुड़े विवाद पर विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। खबर में यह भी बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को नोटिस जारी किया है। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं है; मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के जवाब महत्वपूर्ण होंगे।

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आगे क्या होगा?

दिल्ली में हुए इन प्रदर्शनों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP एंगल की जांच की मांग को फिर चर्चा में ला दिया है। साथ ही SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर विरोध भी सामने आया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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