
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है। मुस्लिम पक्ष की ओर से शाही जामा मस्जिद की पुताई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने शाही जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई की इजाजत दे दी है। इसके साथ ही तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का आदेश दिया है। यह कमेटी सुनिश्चित करेगी की रंगाई-पुताई से मस्जिद को कोई नुकसान न पहुंचे।
जिला प्रशासन ने किया था इनकार
जामा मस्जिद कमेटी की और से 10 दिन पहले जिला प्रशासन से रंगाई-पुताई की इजाजत मांगी थी, लेकिन जिला प्रशासन ने यह कहते हुए इजाजत देने से इनकार कर दिया था कि वहां रंगाई-पुताई या अन्य किसी कार्य की इजाजत पुरातत्व संरक्षण विभाग ही दे सकता है। इसके बाद जामा मस्जिद कमेटी ने पुरातत्व संरक्षण विभाग को अर्जी भेजी। वहां से कोई जवाब मिलता इससे पहले ही हाईकोर्ट में अपनी मांग को लेकर याचिका दायर कर दी।
तीन सदस्यीय टीम कोर्ट में पेश करेगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने यह फैसला सुनाते हुए साफ किया कि मस्जिद की ऐतिहासिकता और मूल ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। कोर्ट ने प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे इस कार्य को विशेषज्ञों की देखरेख में ही पूरा करें। तीन सदस्यीय कमेटी आज से ही मस्जिद परिसर की निगरानी करेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 सदस्यीय कमेटी में 1 ASI का सदस्य, 1 वैज्ञानिक और 1 प्रशासनिक अधिकारी को शामिल करने के लिए कहा है। गठित की गई तीन सदस्यीय कमेटी शुक्रवार सुबह 10 बजे हाईकोर्ट के समक्ष रंगाई-पुताई पर जानकारी कोर्ट के समक्ष पेश करेगी।

हिंदू पक्ष ने जताई आपत्ति
हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने अपनी दालिलों पर कहा कि मस्जिद की सफाई के नाम पर मस्जिद में बनी हिंदू कलाकृतियों को तबाह करने की योजना है। जिस पर कोर्ट ने कहा हम आपकी आपत्ति को समझते हैं। हम आपकी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए ही रंगाई की इजाजत देंगे। कोर्ट ने रंगाई-पुताई के काम की वीडियोग्राफी करने के निर्देश दिए है, जिससे इमारत को कोई नुकसान नहीं हो। साथ ही कोर्ट ने कहा कि हिंदू पक्ष की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए ही काम किया जाए।