
हर्षित चौरसिया-जबलपुर। हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की आवश्यकता को देखते हुए अब उच्च शिक्षा विभाग ने भी छात्रों को 90 घंटे के अवधि वाले सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से एक्सपर्ट बनाने की कवायद शुरू की है। दिल्ली आईआईटी के सहयोग से संचालित होने वाले दो कोर्सेस के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को क्लॉस रूम संचालित करने की गाइड लाइन भेज दी है। उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षा विभाग ने आईआईटी दिल्ली के साथ एमओयू किया है, जिसके बाद यह नवाचार प्रदेश में शुरू किया जा रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए दो सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे
बताया जाता है कि जबलपुर सहित प्रदेशभर के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस व 13 स्वशासी कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए दो सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होंगे। इसमें पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होगा व दूसरा फिनटेक विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रहेगा। इन दोनों ही कोर्स की अवधि को 90 घंटे रखा गया है।
हर कॉलेज में 8-8 सीटें
दोनों ही कोर्स के लिए विभाग ने हर कॉलेज को 8-8 सीटें आवंटित की हैं। इन सीटों को भरने के लिए छात्रों का चयन परीक्षा के आधार पर होगा। ये कोर्स नि:शुल्क होंगे, लेकिन कोर्स करने वाले छात्र को सुरक्षा निधि के तौर पर एक हजार रुपए कॉलेज के पास जमा करने होंगे।
20 कम्प्यूटरों से लैस किया जाएगा क्लास रूम
बनाई गई गाइड लाइन के मुताबिक कोर्स को संचालित करने के लिए क्लास रूम 20 कम्प्यूटरों के साथ लैस होना चाहिए। साथ ही कक्षा के संचालन के लिए एक प्रोफेसर नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जाएगा।
पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस व स्वशासी कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दो पाठ्यक्रम संचालित करने के संबंध में दिशा-निर्देश उच्च शिक्षा विभाग से प्राप्त हुए हैं। विवि विभाग के निर्देशों के मुताबिक आगे की प्रक्रिया करेगा। -दीपेश मिश्रा, कुलसचिव, आरडीयू