
कोलंबो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम को तीन दिवसीय यात्रा पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचे। उनका कोलंबो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ, स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिस्सा, मत्स्य पालन मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखर सहित पांच वरिष्ठ मंत्रियों ने विशेष स्वागत किया। भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों स्थानीय लोगों और भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया।
द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के माध्यम से ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण और रक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में भारत-श्रीलंका संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में पहल कर रहे हैं। भारत और श्रीलंका के बीच कई परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं, जिनमें बिजली, रेलवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस यात्रा के दौरान कई नई परियोजनाओं की नींव भी रखी जाएगी।
तमिल समुदाय के अधिकारों पर होगी चर्चा
यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके और प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका में तमिल समुदाय को अधिक अधिकार देने की मांग उठा सकते हैं। यह मुद्दा 1987 में हुए भारत-श्रीलंका समझौते और श्रीलंका के संविधान के 13वें संशोधन से जुड़ा है, जो अब तक पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।
मछुआरों के मुद्दे पर भी हो सकती है बातचीत
भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों का मुद्दा भी लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। खासकर तमिलनाडु और श्रीलंका के मछुआरे पाक जलडमरूमध्य और मन्नार की खाड़ी में पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर आमने-सामने रहते हैं। अक्सर भारतीय मछुआरे श्रीलंकाई समुद्री सीमा में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। इस संवेदनशील मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना है।
श्रीलंका को कर्ज चुकाने को लेकर राहत देने पर विचार
भारत ने अब तक श्रीलंका को लगभग 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लाइन्स ऑफ क्रेडिट और ग्रांट सहायता प्रदान की है। श्रीलंका आर्थिक संकट से उबरने के लिए भारत से कर्ज की शर्तों में ढील की उम्मीद कर रहा है, जिसमें ब्याज दर कम करना, पुनर्भुगतान की अवधि बढ़ाना और कुछ कर्ज माफ करने की मांग शामिल है।
सात प्रमुख समझौतों को अंतिम रूप देने की संभावना
मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग समझौते समेत सात अहम समझौतों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त तीन और समझौते भी संभव हैं। यदि रक्षा सहयोग पर हस्ताक्षर होते हैं, तो यह दोनों देशों के रक्षा संबंधों में एक नए युग की शुरुआत होगी। यह 35 वर्ष पूर्व भारतीय शांति सेना की वापसी के बाद उपजे तनाव को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।
अनुराधापुरा में महाबोधि मंदिर के दर्शन कर सकते हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके ऐतिहासिक शहर अनुराधापुरा का दौरा भी कर सकते हैं, जहां वे महाबोधि मंदिर के दर्शन करेंगे। यह मंदिर उस बोधि वृक्ष की शाखा से जुड़ा है जिसके नीचे महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। कहा जाता है कि यह वृक्ष 2,300 वर्ष से भी अधिक पुराना है।