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फिल्म से पहले 30 मिनट तक दिखाए विज्ञापन, बेंगलुरु के व्यक्ति ने किया केस, PVR INOX पर लगा 1 लाख जुर्माना

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फिल्म से पहले 30 मिनट तक दिखाए विज्ञापन, बेंगलुरु के व्यक्ति ने किया केस, PVR INOX पर लगा 1 लाख जुर्माना
बेंगलुरु। उपभोक्ता अदालत ने PVR INOX पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह मामला एक दर्शक द्वारा दायर किया गया था, जिसने शिकायत की थी कि फिल्म से पहले 25-30 मिनट तक लगातार विज्ञापन दिखाए गए, जिससे उनकी समय की बर्बादी हुई। अदालत ने इसे गलत व्यापारिक तरीका करार दिया और मल्टीप्लेक्स चेन को निर्देश दिया कि वह दर्शकों को फिल्म की सही समय-सीमा की जानकारी दे।

क्या है पूरा मामला

बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने दिसंबर 2023 में 'सैम बहादुर' फिल्म देखने का प्लान बनाया था। उन्होंने अपने दो परिवारजन के साथ फिल्म का टिकट लिया। शो का समय शाम 4:05 बजे का था, लेकिन जब वे थिएटर पहुंचे, तो फिल्म तय समय पर शुरू नहीं हुई। इसके बजाय, लगभग 25-30 मिनट तक लगातार विज्ञापन दिखाए गए, जिसके कारण फिल्म 4:30 बजे शुरू हुई। इस देरी से व्यक्ति को परेशानी हुई और उन्होंने इसे समय की बर्बादी माना। इसी कारण उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई।

PVR INOX को भरना होगा जुर्माना

इस मामले की सुनवाई के बाद, उपभोक्ता अदालत ने PVR INOX को एक लाख रुपए का जुर्माना देने का आदेश दिया। साथ ही, शिकायतकर्ता को 20,000 रुपए मानसिक परेशानी और समय की बर्बादी के लिए देने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, 8,000 रुपए मुकदमे और अन्य खर्चों के रूप में देने को कहा गया।

अदालत ने क्या कहा

उपभोक्ता अदालत ने कहा कि समय बहुत कीमती है। कोई भी कंपनी दर्शकों के समय और पैसों का गलत फायदा नहीं उठा सकती। लगातार 25-30 मिनट तक विज्ञापन दिखाना दर्शकों के समय की बर्बादी है। लोग मनोरंजन के लिए फिल्म देखने जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनकी कोई और जिम्मेदारी नहीं होती। PVR INOX को चाहिए कि वह फिल्म के सही समय की जानकारी स्पष्ट रूप से दे और अनावश्यक विज्ञापनों से बचें।

PVR INOX ने बचाव में क्या कहा

PVR INOX की तरफ से तर्क दिया गया कि सरकारी नियमों के अनुसार फिल्म से पहले जनहित के संदेश दिखाना जरूरी है। लेकिन अदालत ने यह तर्क खारिज कर दिया और कहा कि जनहित के संदेश ज्यादा से ज्यादा 10 मिनट तक हो सकते हैं, लेकिन 25-30 मिनट तक विज्ञापन दिखाना अनुचित है।"

शिकायतकर्ता ने विज्ञापनों की रिकॉर्डिंग की, PVR INOX ने इसे बताया पायरेसी

शिकायतकर्ता ने इस मामले को साबित करने के लिए विज्ञापनों की रिकॉर्डिंग की थी। PVR INOX ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे पायरेसी कानून का उल्लंघन बताया। लेकिन अदालत ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया और कहा कि यह पायरेसी नहीं है, बल्कि समस्या को उजागर करने का तरीका है। शिकायतकर्ता ने सिर्फ विज्ञापनों की रिकॉर्डिंग की थी, न कि फिल्म की। ये भी पढ़ें- ट्रंप ने जेलेंस्की को बताया ‘डिक्टेटर’, यूक्रेनियन राष्ट्रपति ने रूस-अमेरिका मीटिंग का किया था विरोध
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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