
ग्वालियर। मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहें हैं। इसी बीच ताजा मामला मंगलवार को ग्वालियर से सामने आया है। यहां ग्वालियर में लोकायुक्त पुलिस की टीम ने नगर निगम में आउटसोर्स पर भर्ती कर्मचारी विवेक तोमर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।
लोकायुक्त पुलिस की टीम ने नगर निगम में पदस्थ जोनल ऑफिसर उत्पल सिंह भदौरिया और उनके यहां पदस्थ आउट सोसे कर्मचारी विवेक सिंह तोमर को फरियादी राकेश सिंह सिकरवार से भवन निर्माण की अनुमति स्वीकृत करने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के अनुसार, दीन दयाल नगर में रहने वाले फरियादी राकेश सिंह सिकरवार ने ग्वालियर लोकायुक्त एसपी कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि दीनदयाल नगर में उनके दो प्लाट हैं। जिस पर भवन निर्माण की अनुमति के लिए उन्होंने नगर निगम के जोन ऑफिस क्रमांक 8 में आवेदन दिया था।
भवन अनुमति के एवज में वहां पदस्थ जेडओ उत्पल सिंह भदौरिया और आउट सोसे कर्मचारी विवेक तोमर ने उसने 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसके बाद 15 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। फरियादी ने इसकी पहली किश्त के रूप में 5 हजार रुपए पहले ही दे दिए थे। मंगलवार को दूसरी किश्त के तौर पर 10 हजार रुपए देना था।
इस तरह से पकड़ाया घूसखोर
फरियादी राकेश सिंह सिकरवार ने इसकी शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त एसपी से कर दी। एसपी ने शिकायत का सत्यापन कराया और फरियादी को एक रिकॉर्डर भी दिया, जिसमें उसने पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर लोकायुक्त पुलिस के अफसरों को सौंपी। इसके बाद फरियादी राकेश सिंह मंगलवार दोपहर को गोला का मंदिर चौराहा पर पहुंचा और उसने नगर निगम के आउट सोर्स कर्मचारी विवेक तोमर को रिश्वत की राशि 10 हजार रुपए दिए। इसके बाद उसने तुरंत लोकायुक्त टीम को इशारा कर दिया। इशारा मिलते ही लोकायुक्त पुलिस की टीम ने विवेक सिंह तोमर को पकड़ लिया।
#ग्वालियर_ब्रेकिंग : #लोकायुक्त ने नगर निगम कर्मचारी #विवेक_कुमार को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, गोला का मंदिर चौराहे के पास ली रिश्वत, भवन अनुमति के लिए जेडओ उत्पल सिंह और विवेक तोमर द्वारा मांगी थी घूस, फरियादी राकेश सिंह सिकरवार की शिकायत पर की गई कार्रवाई, देखें… pic.twitter.com/bt6wRc24Gh
— Peoples Samachar (@psamachar1) July 4, 2023
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
पकड़े गए निगम कर्मी को लोकायुक्त पुलिस गोले का मंदिर थाना लेकर पहुंची। जहां उसके पास से 10 हजार रुपए मिले। जब केमिकल से उसके हाथ धुलवाए गए तो केमिकल का रंग गुलाबी हो गया। पुलिस ने विवेक तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कार्रवाई की जा रही है।