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Gwalior News : ट्रॉमा सेंटर में AC फटने से लगी आग, एक मरीज की मौत; ICU में भर्ती थे 10 पेशेंट

ग्वालियर। शहर के एक अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एसी फटने से आग लगने का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह 7 बजे ट्रामा सेंटर के ICU में सीलिंग एसी में अचानक से आग लग गई और फट गया, जिससे वेंटीलेटर पर मौजूद एक मरीज की मौत हो गई। ट्रामा सेंटर में भर्ती बाकी अन्य 9 मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराया गया।

वेंटीलेटर पर था मरीज

जानकारी के मुताबिक, ये हादसा जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर के ICU में हुआ, घटना के वक्त ICU में 10 मरीज भर्ती थे। मंगलवार सुबह करीब सात बजे सीलिंग एसी में आग लग गई और उसमें विस्फोट हो गया। इसकी चपेट में आने से एक मरीज की मौत हो गई, जो वेंटीलेटर पर था। हालांकि, बाद में डॉक्टरों ने उसकी ईसीजी कराई, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।

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मरीजों को बेड सहित किया शिफ्ट

अस्पताल के ट्रामा सेंटर में आग लगने के बाद प्रबंधन ने आग बुझाई और भर्ती अन्य 9 मरीजों को बेड सहित दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। अब प्रबंधन जांच कर रहा है कि एसी में आग कैसे लगी और विस्फोट कैसे हुआ। अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन के वरिष्ठ अफसर मौके पर पहुंच चुके हैं।

सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला

जयारोग्य (जीआर) मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरके एस धाकड़ ने बताया है कि सुबह लगभग सवा छह बजे जेएएच के ट्रामा सेंटर के आइसीयू के एयरकंडीशनर में लगी आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। साथ ही आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती अति गंभीर 10 मरीजों सहित ट्रामा सेंटर के सभी मरीजों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल कर कैजुअल्टी वार्ड में इलाज शुरू कर दिया गया है।

अग्नि दुर्घटना से नहीं हुई मरीज की मौत : डॉ. धाकड़

एक मरीज की इस दुर्घटना में मृत्यु की खबरों को लेकर डॉ. धाकड़ ने बताया कि अति गंभीर 60 वर्षीय मरीज खालिद खान की मृत्यु का कोई संबंध अग्नि दुर्घटना से नहीं है। उन्होंने बताया कि यह अति गंभीर मरीज शिवपुरी जिले के मेडिकल कॉलेज से रेफर होकर तीन दिन पहले जीआर मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के ट्रामा सेंटर के आईसीयू में भर्ती हुआ था। उसकी ब्रेन सर्जरी भी कर दी गई थी, लेकिन उसकी कोई रिकवरी नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि मरीज की मृत्यु अति गंभीर होने की वजह से हुई है। पहले से ही लगभग ब्रेन डेड अवस्था में अति गंभीर मरीज खालिद खान को भी सुबह लगभग सवा 6 बजे जब ट्रामा सेंटर में अग्नि दुर्घटना हुई तब वेंटिलेटर सहित सुरक्षित निकाल लिया गया और उसका इलाज निरंतर जारी रहा। ब्रेन की अति गंभीर चोट की वजह से लगभग 10 बजे उसकी मृत्यु हुई है। इसलिए अग्नि दुर्घटना से खालिद की मृत्यु का कोई संबंध नहीं है।

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