
आलीराजपुर। आलीराजपुर जिले में 5 साल का मासूम 160 फीट गहरे बोरवेल में 20 फीट पर फंस गया था, जिसे पांच घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गंभीर हालत में निकाल लिया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत बोरिंग में गिरने के दो घंटे बाद ही हो गई थी। हादसा खंडाला गांव के डावरी फलिया का है। जानकारी के अनुसार, विजय (5) पुत्र दिनेश निवासी वास्कल फलिया खंडाला दोस्तों के साथ खेत में खेल रहा था। खेलते-खेलते बोरिंग में झांकते समय उसमें गिर गया था।
चलाया जा रहा ऑपरेशन : सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. अभय अरविंद बेड़ेकर, एसपी राजेश व्यास व जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी मौके पर पहुंच गए। कलेक्टर ने बताया कि तेजी से ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन बच्चे को नहीं बचाया जा सका।
नहीं बने नियम : 26 फरवरी 2023 को छतरपुर की घटना के बाद तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था- ऐसी घटना पर बोरवेल मालिक पर प्रकरण दर्ज होगा। बचाव अभियान का खर्च भी उसी से वसूलेंगे। लेकिन, आज तक नियम नहीं बने हैं।
दो साल में पांचवां मामला
- 5 दिसंबर 2023 को राजगढ़ जिले के पिपलिया रसोड़ा में 5 साल की माही को अगले दिन तड़के निकाला गया, उसकी मौत हो गई थी।
- फरवरी 2023 में छतरपुर के ललगुवां (पाली) में 3 साल की बच्ची बोरवेल में गिर गई थी। पांच घंटे बाद बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
- मार्च 2022 में विदिशा जिले में 7 वर्षीय लोकेश बोरबेल में गिर गया था। 24 घंटे बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
- दिसंबर 2022 बैतूल के मांडवी में 8 साल का तन्मय बोरवेल में गिरा था। साढेÞ चार दिन चले रेस्क्यू के बाद उसका शव निकला था।