
इंदौर। शहर के एक स्कूल से अनोखा मामला सामने आया है। जहां छात्र को माथे पर तिलक लगाकर स्कूल में नहीं आने दिया गया। शिक्षिका ने उससे कहा कि, तिलक हटाकर स्कूल आईए नहीं टीसी दे देंगे। जिस बात से गुस्साए परिजन प्रिंसिपल से मिलने स्कूल पहुंचे। प्रिंसिपल का कहना था कि, कलेक्टर जैसा आदेश देंगे हम वैसा कर लेंगे। वहीं इंदौर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मंगलेश व्यास का कहना है कि, इसको लेकर स्कूल को पत्र जारी किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
दरअसल पूरा मामला इंदौर के धार रोड स्थित श्री बाल विज्ञान शिशु विहार हाई सेकेंडरी स्कूल में बच्चों द्वारा तिलक लगाए जाने का है। जहां शनिवार (8 जुलाई) सुबह करीब 6 से 7 छात्र तिलक लगाकर पहुंचे थे। जिसपर एक शिक्षिका पदमा सिसोदिया ने चांटा मारकर एक छात्रा को स्कूल से भगा दिया। यह जानकारी जब परिजनों को लगी तो सभी स्कूल पहुंचे और उन्होंने हंगामा किया।
हंगामा देखने के बाद प्रिंसिपल ओमप्रकाश सिंह और शिक्षिका अपनी जिद पर अड़ी रही, उन्होंने स्कूल में बच्चों को दाखिल नहीं किया। बच्चों का आरोप था कि वह तिलक लगाकर स्कूल पहुंचे तो उन्हें तिलक मिटाने के लिए कहा गया। इसके साथ ही शिक्षिका ने कहा कि, स्कूल में कोई भी बच्चा तिलक लगाकर नहीं आएगा।
#इंदौर : माथे पर तिलक लगाकर पहुंचे छात्र को स्कूल में नहीं आने दिया, कहा- तिलक हटाकर स्कूल में आओ। शिकायत करने पर परिजनों से प्रिंसिपल ने कहा- #कलेक्टर जैसा आदेश देंगे, हम वैसा कर लेंगे। देखें #VIDEO @IndoreCollector @schooledump @Indersinghsjp #Student #School #Indore #MPNews… pic.twitter.com/eSlWZ9RSG0
— Peoples Samachar (@psamachar1) July 9, 2023
प्रिंसिपल ने इसको लेकर क्या कहा
परिजन इस बात का विरोध कर रहे थे और इसके लिए वह शनिवार को प्रिंसिपल सिंह से बात करने पहुंचे थे। प्रिंसिपल का कहना था कि, तिलक लगाने पर बैन का नियम नहीं है लेकिन हम धर्मवाद नहीं चाहते। वहीं परिजनों का कहना था कि बच्चे स्कूल जाने से पहले सुबह मंदिर जाते हैं और उसके बाद सीधे स्कूल चले जाते हैं। प्रिंसिपल ने कुछ नहीं मानी और उनका कहना था कि, कलेक्टर जैसा आदेश देंगे वैसा हम कर लेंगे।
कलेक्टर इलैया राजा ने क्या कहा
इसको लेकर इंदौर कलेक्टर इलैया राजा टी से बात की गई तो उनका कहना था कि, अभी उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है। उन्होंने पीपुल्स के संवाददाता से स्कूल का नाम पूछा और जानकारी मांगी। इसके बाद इस पूरे मामले में तुरंत उन्होंने संबंधित अधिकारी को संज्ञान लेने को भी कहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने क्या कहा
इंदौर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मंगलेश व्यास ने पीपुल्स अपडेट से कहा कि, जो घटना आपने संज्ञान में दी है उसके लिए स्कूल प्रबंधन को पत्र जारी किया जाएगा और अगर कोई शिक्षक व शिक्षिका इस प्रकार से बच्चों से कहता है तो वह गलत है और पूरे मामले में स्पष्टीकरण भी लिया जाएगा।
(इनपुट- हेमंत नागले)