
पटना। तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों की पिटाई के फर्जी वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी उपेंद्र साहनी को भी मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। तमिलनाडु पुलिस ने उपेंद्र की पुलिस रिमांड मांगी है। पुलिस का दावा है कि जो वीडियो वायरल हुआ, वह सबसे पहले उपेंद्र के मोबाइल फोन से ही वायरल किया गया था। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 153-B, 505, 266 (D) और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इससे पहले शनिवार को इसी मामले में यू ट्यूबर मनीष कश्यप ने सरेंडर किया था। उसके खाते भी फ्रीज किए गए हैं। इनमें 42 लाख रुपए जमा हैं।
तमिलनाडु पुलिस भी मांग रही रिमांड
बताया जा रहा है कि सदर थाने इलाके के मझौली धर्मदास क्षेत्र स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से उपेंद्र को पकड़ा गया। सदर थाना के एसआई मनोज कुमार साह ने बताया कि वायरल वीडियो मामले में उपेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। तमिलनाडु पुलिस भी उसकी रिमांड मांग रही है। इस मामले में गोपालगंज पुलिस ने भी उमेश महतो नामक युवक को गिरफ्तार किया था। इनके अलावा दो अन्य को भी हिरासत में लेकर पूछताछ हो रही है।
मनीष से पूछताछ में बड़ा खुलासा
सूत्रों का कहना है कि यूट्यूबर मनीष कश्यप से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि मनीष ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। पूछताछ में एक बड़े नेता का भी नाम सामने आने की बात कही जा रही है। EOU की रडार पर वह लोग भी हैं, जिन्होंने मनीष कश्यप की आर्थिक मदद की। सूत्रों का कहना है कि EOU की टीम उन लोगों से भी पूछताछ करेगी, जिन लोगों ने उसकी आर्थिक मदद की। इसके साथ ही मनीष को रिमांड पर लिया जा सकता है। मनीष पर तमिलनाडु में भी 13 एफआईआर हैं। ऐसे में उन्हें तमिलनाडु पुलिस भी अपने साथ ले जा सकती है।
क्या है मामला
मुजफ्फरपुर के एसपी स्वर्ण प्रभात के मुताबिक 7 मार्च 2023 को माधोपुर गांव निवासी रविंद्र महतो की बेंगलुरु में ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। लेकिन, अफवाह फैलाई जा रही थी कि रविंद्र की तमिलनाडु में हत्या की गई है। बता दें कि रविंद्र महतो की मौत के बाद तमाम वीडियो सामने आए थे, जिसमें कहा जा रहा था कि तमिलनाडु से बिहारी मजदूरों को भगाया जा रहा है। कम मजदूरी में काम करने की वजह से वहां के मजदूर इन्हें वहां से भगा रहे हैं। इसी से संबंधित झगड़े में रविंद्र की हत्या की गई है। हालांकि, पुलिस का मानना है कि रविंद्र की मौत ट्रेन से कटने से हुई है।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया मनीष कश्यप
उधर, बिहार के मजदूरों की पिटाई से जुड़े फर्जी वीडियो वायरल करने के आरोपी यूट्यूबर मनीष कश्यप को कोर्ट ने 22 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसने शनिवार को सरेंडर किया था। तमिलनाडु पुलिस भी मनीष की ट्रंजिट रिमांड मांग सकती है। इस मामले में मनीष पर बिहार में 14 और तमिलनाडु में 13 मामले दर्ज हैं।