
पटना। वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हुआ गंगा विलास क्रूज सोमवार को छपरा के डोरीगंज में फंस गया। डोरीगंज में गंगा नदी में पानी कम होने की वजह से क्रूज किनारे नहीं पहुंच सका। सूचना के बाद मौके पर तत्काल एसडीआरएफ की टीम पहुंची। क्रूज में सवार पर्यटकों को स्टीमर से किनारे तक लाया गया। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जनवरी को गंगा विलास क्रूज को वाराणसी से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। क्रूज को पर्यटकों को पुरातात्विक स्थल चिरांद तक ले जाना था, लेकिन गंगा में पानी कम होने के कारण इसे तट पर जाने से पहले ही रोक लिया गया।
छोटी नाव से पर्यटकों को चिरांद पहुंचाया जा रहा
सारन जिले के डोरीगंज बाजार के पास और छपरा से 11 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित चिरांद जिले का सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। घाघरा नदी के तट पर बने स्तूपनुमा स्थानों को हिंदू, बौद्ध और मुस्लिम प्रभावों से जोड़कर देखा जाता है। छपरा के सीओ सतेंद्र सिंह ने बताया कि चिरांद में पर्यटकों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। अब पर्यटकों को छोटी नाव से चिरांद लेकर जाया जाएगा।
बिहार में इन जगहों पर क्रूज का ठहराव
बिहार में गंगा विलास क्रूज बक्सर, छपरा, पटना, सिमरिया, मुंगेर, सुल्तानगंज और कहलगांव से होकर गुजरेगा। क्रूज जहां भी रुकेगा पर्यटक वहां से ऐतिहासिक जगहों का भ्रमण कर सकेंगे। इसके साथ ही बिहार में गुजरने से यहां के इतिहास और संस्कृति का परिचय होगा।
भारत में निर्मित पहला रिवरशिप क्रूज गंगा विलास
क्रूज गंगा विलास भारत में निर्मित पहला स्वदेशी रिवरशिप है, जो काशी से बोगीबील (डिब्रूगढ़) तक सबसे लंबी जलयान (क्रूज) यात्रा करवाएगा। बता दें कि यह यात्रा 3200 किलोमीटर की होगी।
51 दिनों का होगा क्रूज का सफर
क्रूज का सफर 51 दिन का होगा। इस दौरान क्रूज पांच प्रदेशों और बांग्लादेश से होकर गुजरेगा। इस दौरान क्रूज 50 पर्यटक स्थलों के दर्शन करवाएगा। क्रूज की लंबाई 62.5 व चौड़ाई 13 मीटर है। कुल 31 स्विस यात्री क्रूज पर सवार होंगे और 40 क्रू मेंबर को मिलाकर कुल 71 लोग क्रूज की यात्रा पर निकलेंगे। इसके साथ ही क्रूज 27 नदियों के रास्त से सफर तय करेगा। जिससे बांग्लादेश से कनेक्टिंग अच्छी होगी और जलमार्ग का विकास भी होगा। सरकार के सहयोग से एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।
फाइव-स्टार होटल जैसी लग्जरी क्रूज की सुख-सुविधाएं
क्रूज के डायरेक्टर राज सिंह ने बताया कि उनके क्रूज में सभी लग्जरी सुख सुविधाएं उपलब्ध हैं। ओपन स्पेस बालकनी, जिम, स्टडी रूम, लाइब्रेरी, मनोरंजन के लिए गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इसके साथ ही स्पा, सैलून के साथ चिकित्सकीय सुविधा भी मिलेंगी। मेन डेक पर 40 सीटों वाले रेस्तरां में कॉन्टिनेंटल और भारतीय व्यंजनों के साथ कुछ बुफे काउंटर भी हैं। इसके अलावा ऊपरी डेक की आउटडोर सिटिंग में रियल टीक स्टीमर चेयर्स और कॉफी टेबल के साथ एक बार शामिल हैं। यह यात्रियों को स्पेशल क्रूज का अनुभव प्रदान करने के लिए काफी है।
क्रूज का एक दिन का किराया 25 हजार रुपये
खबरों के मुताबिक, क्रूज पर एक व्यक्ति के एक दिन का किराया 25 हजार रुपये है। क्रूज की देखरेख और परिचालन प्राइवेट ऑपरेटरों के हाथों में है और जहाजरानी मंत्रालय इस परियोजना में सहयोग दे रहा है।