
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की एक कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और कुछ कंपनियों व ओटीटी मंचों के खिलाफ कथित भ्रामक विज्ञापनों को लेकर दायर याचिका स्वीकार कर ली है। यह याचिका एक स्थानीय वकील की ओर से दायर की गई थी, जिसे अदालत ने 11 मार्च को स्वीकार किया।
विज्ञापनों से बढ़ी कैंसर जैसी बीमारियां
याचिकाकर्ता मोहम्मद फैजान खान के अधिवक्ता विराट वर्मा ने बताया कि शाहरुख खान एक प्रसिद्ध हस्ती हैं और वे ‘फेयरनेस क्रीम’ व पान-मसाला जैसे उत्पादों का भ्रामक विज्ञापन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विज्ञापनों से पान मसाले की बिक्री बढ़ती है, जिससे कैंसर जैसी बीमारियां फैलती हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि शाहरुख खान ‘रम्मी’ खेल का भी प्रचार करते हैं, जिसे कौशल का खेल बताया जाता है, लेकिन असल में इस खेल के कारण कई लोग जुए में अपनी मेहनत की कमाई हार जाते हैं।
अगली सुनवाई 29 मार्च को
अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने शाहरुख खान, इन उत्पादों को बनाने वाली कंपनियों और इन विज्ञापनों को प्रसारित करने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर किया है। इसमें ऐसे विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च को तय की है।
कई बड़ी कंपनियां बनी प्रतिवादी
मुकदमे में गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अमेजन इंडिया (अमेजन प्राइम वीडियो), नेटफ्लिक्स इंडिया, इमामी लिमिटेड (फेयर एंड हैंडसम), आईटीसी लिमिटेड (विमल पान मसाला एंड टोबैको प्रोडक्ट्स) और हेड डिजिटल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिकाकर्ता पर पहले भी रहे हैं आरोप
याचिकाकर्ता मोहम्मद फैजान खान को पिछले साल नवंबर में मुंबई पुलिस ने शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी देने और 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। हालांकि, फैजान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। उस समय मुंबई पुलिस ने रायपुर पुलिस को बताया था कि फैजान के नाम से पंजीकृत फोन से अभिनेता को धमकी दी गई थी। फैजान का दावा है कि उनका फोन खो गया था और इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस में दर्ज कराई थी।
One Comment