
भोपाल।मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज छठा दिन है, और इस दौरान सीएजी की रिपोर्ट में सामने आई गड़बड़ियों के मुद्दे पर विपक्षी दल विधानसभा में हंगामा कर सकते है। पूर्व सीएम कमलनाथ भी विधानसभा पहुंचे हैं। दरअसल सोमवार को विधानसभा में कैग 2022 की रिपोर्ट भी पेश की गई। इसमें संबल, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना समेत कई योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ। इसे लेकर विपक्षी दलों ने हंगामा किया। कांग्रेस ने कहा कि पूरा मप्र भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है।फिलहाल, सदन में प्रश्नकाल में आज पहली बार के विधायकों के सवाल प्रश्नकाल में शामिल किए गए। इनमें से पहले 7 प्रश्न महिला विधायकों के थे।
संबल योजना और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में गड़बड़ी
सोमवार को विधानसभा में पेश की गई कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और संबल योजना में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने कहा कि रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार की गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भी सरकार ने बसों के भुगतान के बजाय स्कूटर और मोटरसाइकिल के बिलों का भुगतान किया।
आपदा राहत राशि में घोटाले का खुलासा
कैग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2018 से 2022 तक मध्यप्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को कुल 10,060 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की गई। लेकिन इनमें से 13 जिलों में 23.81 करोड़ रुपये की राशि सरकारी कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों के फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दी गई। इस घोटाले में अधिकारियों ने फर्जी स्वीकृति आदेश तैयार किए और आपदा राहत की राशि को अपने और अपने परिजनों के खातों में डाला।
संबल योजना में भी भ्रष्टाचार का खुलासा
कैग रिपोर्ट में संबल योजना में भी भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया। बड़वानी जिले की राजपुर और सेंधवा जनपद पंचायतों में सीईओ और लेखपाल ने मिलकर मजदूरों के हक की 2.47 करोड़ रुपये की रकम हड़प ली। इसके अलावा, एक मृत मजदूर के नाम पर संबल योजना से 89.21 लाख रुपये की राशि निकाली गई। रिपोर्ट के अनुसार, पहले से संबल योजना का लाभ लेने वाले मजदूरों को नियमों का उल्लंघन करके 72.60 लाख रुपये अतिरिक्त दे दिए गए।
संबल योजना के लिए बजट का अभाव
कैग ने यह भी बताया कि संबल योजना के तहत पुजारियों, सेवादारों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के पंजीकरण के आदेश दिए गए थे, लेकिन संबल पोर्टल पर इसका कोई विकल्प नहीं खोला गया। इसके अलावा, संबल योजना के लिए दो योजनाएं बनाई गईं- उपकरण अनुदान योजना और निशुल्क कोचिंग योजना, लेकिन इनके लिए कोई बजट का प्रावधान नहीं किया गया। नतीजतन, ये योजनाएं कागजों में ही रह गईं और मजदूरों को कोई लाभ नहीं मिला।
विपक्ष ने सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
विपक्षी दलों ने कैग रिपोर्ट के बाद सरकार पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विधानसभा में हंगामा किया। कांग्रेस ने दावा किया कि मध्यप्रदेश अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। सरकार ने राज्य की योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है।
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