
मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब कानून के रक्षक भी सुरक्षित नहीं हैं। बिहार शुक्रवार शाम डायल 112 की टीम विवाद सुलझाने के लिए आईटीसी नंदलालपुर गांव पहुंची थी, जहां अपराधियों ने ASI संतोष कुमार पर लोहे की रॉड से बेरहमी से हमला कर दिया। उनके सिर पर कई वार किए गए, जिससे उनकी खोपड़ी तक टूट गई। इलाज के दौरान पटना में उन्होंने दम तोड़ दिया।
हंगामे की सूचना पर गांव पहुंचे थे ASI
डायल 112 टीम को सूचना मिली थी कि नंदलालपुर गांव में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो रहा है। सूचना पर ASI संतोष कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां वे दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक एक पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लोहे की रॉड से उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी खोपड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर में 8 गहरे जख्म मिले हैं।
हमले के बाद 20 फीट तक घसीटा गया
हमलावरों की बर्बरता यहीं नहीं रुकी। हमला करने के बाद ASI संतोष कुमार को लगभग 20 फीट तक घसीटा गया और फिर उन्हें ग्रामीण प्रदीप कुमार के घर के सामने फेंक दिया गया। प्रदीप ने बताया, “हम सब घर में होली खेल रहे थे। तभी रणवीर यादव शराब के नशे में गाली-गलौज करने लगा। जब मैंने चौकीदार से शिकायत की, तो उसने पुलिस को बुलाने की बात कही। थोड़ी देर में मेरा बेटा आया, जिसके सिर में चोट लगी थी। रणवीर यादव ने ही हमला किया था।”
पुलिस जब गांव में पहुंची तो संतोष कुमार ने सभी को घर के अंदर रहने की सलाह दी और खुद मामला सुलझाने लगे। लेकिन कुछ देर बाद ही अपराधियों ने उन्हें पीटकर घर के सामने फेंक दिया।
गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस की बंदूक छीनी
पुलिस ने इस मामले में आरोपी गुड्डू यादव को गिरफ्तार कर लिया था। जब टीम उसे लेकर मुख्य आरोपी को पकड़ने जा रही थी, तभी रास्ते में उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें SHO समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसी दौरान गुड्डू यादव ने एक सिपाही की बंदूक छीन ली और भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई, जो उसके पैर में लगी। उसे गंभीर हालत में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इलाज के दौरान ASI ने तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल ASI संतोष कुमार को पहले मुंगेर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ASI संतोष कुमार भभुआ जिले के रहने वाले थे और पिछले एक साल से मुंगेर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में तैनात थे।
परिवार ने की न्याय मांग
ASI संतोष कुमार के चाचा गुप्तेश्वर सिंह और ग्रामीण अरविंद सिंह ने इस निर्मम हत्या पर आक्रोश जताते हुए कहा, “होली के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए गए संतोष को बेरहमी से मार दिया गया। सरकार को अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए। साथ ही, परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।”
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