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FII ने फरवरी में भारतीय शेयर बाजार से 34,574 करोड़ रुपए निकाले, लगातार दूसरे महीने भारी बिकवाली जारी, बाजार में भारी उतार-चढ़ाव

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का सिलसिला जारी है। फरवरी 2025 में FII ने 34,574 करोड़ रुपए के शेयर बेचकर बाजार से निकासी की, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इससे पहले जनवरी 2025 में भी FII ने 78,027 करोड़ रुपए की भारी बिकवाली की थी। यानी 2025 के पहले दो महीनों में कुल 1.12 लाख करोड़ रुपए का विदेशी निवेश बाजार से निकल चुका है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय शेयर बाजारों की ऊंची वैल्यूएशन और कॉरपोरेट इनकम ग्रोथ को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण FII अपना पैसा निकाल रहे हैं।

शुक्रवार को FII ने ₹11,639 करोड़ की बिकवाली की

शुक्रवार, 28 फरवरी को भी FII बाजार में बिकवाली के मूड में रहे। प्रोविजनल डेटा के अनुसार, इस दिन FII ने 11,639.02 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DII) ने 12,308.63 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

ट्रेडिंग डेटा-

FII: 39,239.44 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, 50,878.46 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

DII: 28,065.55 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, 15,756.92 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

DII द्वारा बाजार में लगातार निवेश करने से कुछ हद तक संतुलन बना हुआ है, लेकिन भारी बिकवाली के कारण बाजार में गिरावट देखने को मिली।

FII का फोकस अमेरिकी एसेट्स और चीन की मार्केट पर

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि FII भारतीय बाजार में हाई वैल्यूएशन के कारण मुनाफा बुक कर रहे हैं और अपना पैसा अमेरिका और चीन की मार्केट में शिफ्ट कर रहे हैं।

बिकवाली की मुख्य वजहें

  1. अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में इजाफा होने से निवेशकों का रुझान वहां बढ़ा है।
  2. डॉलर में मजबूती: डॉलर इंडेक्स मजबूत हो रहा है, जिससे उभरते बाजारों से निवेश निकल रहा है।
  3. कॉरपोरेट इनकम ग्रोथ को लेकर चिंता: भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है।
  4. चीन की बाजार में आकर्षण: भारत की तुलना में चीन की स्टॉक्स वैल्यूएशन कम है, जिससे विदेशी निवेशक वहां शिफ्ट हो रहे हैं।

डेट और बॉन्ड मार्केट से भी पैसा निकाल रहे FII

FII सिर्फ इक्विटी ही नहीं, बल्कि डेट और बॉन्ड मार्केट से भी पैसा निकाल रहे हैं। फरवरी में उन्होंने जनरल लिमिट के तहत 8,932 करोड़ रुपए निकाले। वॉलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) से 2,666 करोड़ रुपए की निकासी की। डेट मार्केट से पैसा निकालने से बॉन्ड यील्ड पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे ब्याज दरों पर भी असर पड़ सकता है।

सेंसेक्स और निफ्टी भारी नुकसान में

बिकवाली का असर बाजार पर साफ दिखा। 28 फरवरी को सेंसेक्स 1,414 अंकों (1.90%) की गिरावट के साथ 73,198 पर बंद हुआ। निफ्टी 420 अंक (1.86%) गिरकर 22,124 के स्तर पर बंद हुआ।

स्मॉल कैप और मिड कैप शेयरों में भी गिरावट

BSE स्मॉल कैप, 1,028 अंक (2.33%) की गिरावट के साथ 43,082 पर बंद हुआ। वहीं, BSE मिड कैप 853 अंक (2.16%) गिरकर 38,592 पर बंद हुआ। बाजार में भारी गिरावट ने छोटे निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

क्या आगे भी जारी रहेगी FII की बिकवाली

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अमेरिकी बाजार में बॉन्ड यील्ड में और बढ़ोतरी होती है और डॉलर मजबूत बना रहता है, तो FII की बिकवाली आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि, भारतीय बाजार की दीर्घकालिक संभावनाएं मजबूत हैं, और DII की खरीदारी इस दबाव को कुछ हद तक संतुलित कर सकती है।

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे जल्दबाजी में निर्णय न लें और लंबी अवधि की रणनीति पर फोकस करें।

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