
Bibek Pangeni Srijana Subedi love Story : आज के टाइम पर जहां रिश्तों को चलाना मुशकिल हो गया है, बात बात पर रिशतों में तनाव और फिर तलाक की नौबत आ जाती है। इसी समय में एक ऐसे कपल की कहानी सामने आई है, जो आपको हैरान कर देगी, इस कपल ने दुनिया को मोहब्बत का असली मतलब समझाया है और मोहब्बत की दुनियां में एक नई मिसाल पेश की है। जहां लोग आजकल स्वार्थ के लिए रिश्ते बनाते है वही इस प्रेम कहानी की सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें कोई स्वार्थ नही बल्कि समपर्ण है।
प्रेम और संघर्ष की कहानी
कहा जाता है कि वैवाहिक जीवन दो पहिए की गाड़ी है, जिसमें पति-पत्नी दो पहिए हैं और इस जीवन में पति-पत्नी को एक दूसरे का सहारा बनकर आगे बढ़ना होता है, फिर चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों पति- पत्नी एक दूसरे का साथ नही छोड़ते लेकिन आज के दौर में लोग इस बात समझते ही नहीं और स्वार्थ के लिए अपने रिश्ते को तोड़ देते हैं। अक्सर महिलाओं को बारें में सुना जाता है की महिलाएं सिर्फ दौलत से प्यार करती है लेकिन ऐसा नहीं है कि हर महिला एक जैसी ही हो। कुछ महिलाएं सच में ऐसी मोहब्बत करती है कि दुनिया के लिए मिसाल बन जाती है। प्रेम की ये कहनी भी कुछ ऐसी ही है।
हम यहां बात कर रहे हैं इंस्टाग्राम के फेमस नेपाली इन्फ्लुएंसर बिबेक पंगेनी और उनकी पत्नी सृजना सुवेदी की, जिनकी अमर प्रेम कहानी को हर कोई पसंद कर रहा है। हालांकि इसका अंत आपको रुला देगा।
36 साल के विवेक पंगेनी और सृजना की मुलाकात 10 साल पहले हुई और कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर ली। सब सही चल रहा था, उनके सभी सपने पूरे हो रहे थे और दोनों अपनी केमिस्ट्री पर रील बनाते थे। दोनों फेमस कपल के बीच सबकुछ परफेक्ट था, लेकिन कहते हैं न कि प्रेम जितना सच्चा होता है तकलीफें उतनी ही ज्यादा होती है. दरअसल, बिबेक यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया में फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के PhD छात्र थे. 2022 में पता चला कि बिबेक को चौथे स्टेज का ब्रेन ट्यूमर है। जिसके बाद सृजना ने अपने पति का साथ नहीं छोड़ा बल्कि उसकी हिम्मत बन गई। जब पत्नी सृजना को इस बारे में पता चला तो वो सबकुछ छोड़कर अपने पति की सेवा में लग गईं। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि सृजना ने पति के कीमोथेरेपी के समय अपने भी बाल काट लिए ताकि उन्हें सामान्य महसूस करा सकें।
सृजना को जब पता चला कि उनके पति के पास सिर्फ 6 महीने ही हैं, तो उन्होंने आखिरी दम तक पति का ख्याल रखा और पूरी कोशिश की कि वे बच जाएं लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और 19 दिसंबर को महज 36 साल की उम्र में विवेक कैंसर से जंग हार गए और उनका अमेरिका के एक अस्पताल में निधन हो गया। अब भले ही बिबेक इस दुनिया में ना हो लेकिन सृजना के मन में वो हमेशा रहेंगे।
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