
बुरहानपुर। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने बुरहानपुर में तहसीलदार राम पगारे के रीडर अशोक कुशवाह को 3500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। रीडर ने नामांतरण प्रक्रिया के लिए फरियादी से कुल 5 हजार रुपए की मांग की थी।
क्या है मामला?
दरअसल, फरियादी रोहित वर्मा ने अपनी बहन के नाम पर दो प्लॉट खरीदे थे। नामांतरण के लिए तीन महीने पहले आवेदन दिया गया था, लेकिन रीडर टालमटोल कर रहा था। रविवार को उसने फोन पर बताया कि प्रति प्लॉट 2500 रुपए देने होंगे। बातचीत के बाद रिश्वत की राशि 4500 रुपए तय हुई। फरियादी ने पहले ही रीडर को 1000 रुपए दे दिए थे, लेकिन रिश्वत मांगने की बढ़ती डिमांड के चलते उसने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया।
रंगे हाथ पकड़ाया आरोपी
जानकारी के मुताबिक, फरियादी रोहित वर्मा ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत दी थी कि रीडर नामांतरण के लिए 5 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा है। रोहित ने बताया कि वह पहले ही 1000 रुपए रीडर को दे चुका था। सोमवार को जब वह 3500 रुपए की दूसरी किश्त देने पहुंचा, तभी लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर रीडर को गिरफ्तार कर लिया। रुपए लेने के बाद जब लोकायुक्त पुलिस ने रीडर के हाथ धुलवाए तो उसके हाथों पर रसायन के रंग के निशान मिले, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
इसके बाद लोकायुक्त टीम आरोपी को गेस्ट हाउस ले गई और आगे की कार्रवाई शुरू की। लोकायुक्त पुलिस आरोपी रीडर अशोक कुशवाह से पूछताछ कर रही है और तहसील कार्यालय के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
One Comment