
स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान से अगले साल फरवरी में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी छिनने का खतरा मंडराने लगा है। भारत ने साफतौर पर टूर्नामेंट में खेलने से इंकार कर दिया है। जिसकी ऑफिशियल जानकारी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को दे दी है। पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान सरकार से इस मुद्दे पर मार्गदर्शन मांगा है। ऐसा माना जा रहा है कि यदि पाकिस्तान से मेजबानी छीनी जाती है तो वह टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से इंकार कर देगा।
भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीति का असर
भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय टीम 2008 के बाद से पाकिस्तान में खेलने से इनकार करती रही है। 2008 में मुंबई हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान का दौरा न करने का निर्णय लिया था। इसके बाद से दोनों देशों की क्रिकेट टीमें आईसीसी और एसीसी के जैसे क्रिकेट टूर्नामेंट में ही एक-दूसरे से मिलती हैं।
पिछले साल पाकिस्तान को एशिया कप की मेजबानी मिली थी, लेकिन भारत ने इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान में खेलने से इनकार कर दिया था। इसी वजह से एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने हाइब्रिड मॉडल अपनाया था, जिसमें भारत के सभी मैच श्रीलंका में कराए गए थे। पाकिस्तान ने भी भारत के साथ मुकाबला श्रीलंका में खेला था।
हाइब्रिड मॉडल को लेकर PCB का रुख
हाइब्रिड मॉडल का प्रस्ताव इस बार चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी दिया गया है, जिसमें भारत के मैच दूसरे स्थानों पर और बाकी टूर्नामेंट पाकिस्तान में खेले जाने का सुझाव था। हालांकि, पीसीबी ने स्पष्ट किया है कि वह इस मॉडल को अपनाने के लिए तैयार नहीं है। पीसीबी ने आईसीसी को सूचित कर दिया है कि चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पूरी तरह पाकिस्तान में ही होगा और वे किसी हाइब्रिड मॉडल को नहीं अपनाएंगे। पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी ने कहा कि चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल नहीं अपनाएंगे। पीसीबी से हर बार यह उम्मीद न कि जाए कि हम हर बार अच्छाई से पेश आएंगे।
मेजबानी छिनने पर क्या करेगा पाकिस्तान
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ‘द डॉन’ के अनुसार, यदि मेजबानी छिनती है तो पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने से इनकार कर सकता है। पीसीबी के एक सूत्र के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई कड़ा कदम भी उठाया जा सकता है।
ICC का विकल्प और भारत की अहम भूमिका
ICC अब टूर्नामेंट के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहा है ताकि भारत की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। भारत विश्व क्रिकेट में एक बड़े बाजार का प्रतिनिधित्व करता है, यह ICC के लिए महत्वपूर्ण है और उनके बिना टूर्नामेंट में अनुमानित दर्शक संख्या और आर्थिक लाभ में कमी आ सकती है। इस स्थिति में ICC टूर्नामेंट को पाकिस्तान के बजाय किसी दूसरे स्थान पर करने का विचार कर सकता है, जहां दोनों टीमों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
हाइब्रिड मॉडल के तहत खेल चुकी हैं दोनों टीमें
हाल ही में, पाकिस्तान को एशिया कप की मेजबानी के दौरान भी ऐसे ही हालातों का सामना करना पड़ा था और टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल में श्रीलंका और पाकिस्तान में खेला गया था। पाकिस्तान की टीम इस साल वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत आई थी, जिसमें 14 अक्टूबर को अहमदाबाद में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच खेला गया था। यह मुकाबला भारतीय टीम ने 7 विकेट से जीता था, जिसमें रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर ने अर्धशतक जमाए थे।
राजनीतिक संबंधों के चलते नहीं होते द्विपक्षीय मुकाबले
पिछले 15 सालों से भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेली गई है। 2008 के बाद से भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं गई और पाकिस्तान टीम ने भी 2012-13 के बाद से भारत का दौरा नहीं किया। दोनों देशों के बीच 2013 के बाद से 13 वनडे और 8 टी-20 मुकाबले दूसरे स्थानों पर खेले गए हैं।
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