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भारत के 50% वयस्क शारीरिक रूप से पर्याप्त सक्रिय नहीं

द लांसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित शोध; पुरुषों के मुकाबले 15 % ज्यादा महिलाएं शारीरिक गतिविधियों से दूर

नई दिल्ली। भारत के करीब 50% वयस्क शारीरिक रूप से पर्याप्त सक्रिय नहीं थे। यह खुलासा द लांसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक शोधपत्र में हुआ है। साल 2000-22 तक किए गए अध्ययन के मुताबिक, भारत की 57% महिलाएं शारीरिक रूप से पर्याप्त सक्रिय नहीं थीं, पुरुषों में यह दर 42% थी। अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि के मामले में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले औसतन 15% अधिक है।

कितनी कसरत करनी चाहिए:

रिसर्चर्स ने पर्याप्त सक्रियता को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मीडियम से इंटेंस शारीरिक सक्रियता या प्रति सप्ताह 75 मिनट की इंटेंस शारीरिक सक्रियता के रूप में परिभाषित किया है।

दक्षिण एशिया दूसरे स्थान पर

अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधानकर्ताओं की टीम के अध्ययन के मुताबिक वयस्कों के शारीरिक रूप से पर्याप्त सक्रिय नहीं रहने के मामले में दक्षिण एशिया क्षेत्र का स्थान दूसरा है, जबकि उच्च आय वाले एशिया-प्रशांत क्षेत्र में यह दर सबसे अधिक है। रिसर्चर्स ने पाया कि वैश्विक स्तर पर लगभग एक तिहाई वयस्क (31.3 % )शारीरिक रूप से पर्याप्त सक्रिय नहीं थे।

ऐसे किया गया अध्ययन

शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान जनसंख्या-आधारित सर्वेक्षणों में वयस्कों द्वारा बताई गई शारीरिक सक्रियता के आंकड़ों का विश्लेषण किया, ताकि वर्ष 2000 से 2022 तक 197 देशों व क्षेत्रों में अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि करने वाले वयस्कों की संख्या का अनुमान लगाया जा सके।

भारत में करोड़ों प्रभावित

शोध के मुताबिक वर्ष 2021 में भारत में 10.1 करोड़ लोग डाटबिटीज से पीड़ित थे। इसी साल उच्च रक्तचाप के शिकार लोगों की संख्या 31.5 करोड़ थी। इस अध्ययन के मुताबिक, 25.4 करोड़ लोग मोटापे के शिकार थे, जबकि 18.5 करोड़ लोगों उच्च कोलेस्ट्रोल से जूझ रहे थे।

साल 2010 से 22 तक 5 प्रतिशत बढ़े मामले

रिसर्चर्स के मुताबिक, वर्ष 2010 में शारीरिक रूप से पर्याप्त सक्रिय नहीं रहने वाले वयस्कों की संख्या 26.4% थी, जिसमें 2022 में 5% की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, अगर इस अवधि की तरह आगे भी रुझान रहा तो शारीरिक सक्रियता में 15% के सुधार का तय लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।

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