
रीवा। लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को एक छापामार कार्रवाई के दौरान विंध्य विकास प्राधिकरण रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेश कुमार साकेत को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल इस अधिकारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।
उप सरपंच से मांगी थी घूस
जानकारी के मुताबिक सीईओ ने ग्राम सुजावल मझियारी तहसील नागौर जिला सतना के उप सरपंच से निर्माण कार्यों के बिल पास करने के ऐवज में 40 हजार की रिश्वत मांगी थी। उप-सरपंच रंजीत सिंह ने रीवा लोकायुक्त पुलिस को इस संबंध में शिकायत की थी। उन्होंने अपने आवेदन में कहा था कि विंध्य विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेश कुमार साकेत ने पंचायत में पक्की नाली और ग्रेवल रोड निर्माण के लिए बकाया रकम जारी करने के एवज में 40 हजार रूपए रिश्वत की डिमांड की थी। शिकायतकर्ता पहले ही सीईओ को 10 हजार की घूस दे चुका था।
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— Peoples Samachar (@psamachar1) March 6, 2024
प्लान बनाकर किया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद अस अफसर को रंगे हाथों पकड़ने का प्लान बनाया गया। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह धाकड़ ने शिकायत का सत्यापन कराया और बुधवार को ट्रैप करने का फैसला लिया। इसके तहत 30 हजार रुपए के कैमिकल लगे नोट देकर फरियादी को सीईओ राजेश कुमार साकेत के पास भेजा गया। शिकायतकर्ता रंजीत सिंह ने जैसे ही शहर के शिल्पी प्लाजा के ए ब्लॉक में स्थित विंध्य विकास प्राधिकरण के कार्यालय में सीईओ को 30 हजार के नोट दिए, वैसे ही पास मौजूद सलोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल सीईओ साकेत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।