
लखनऊ। योगी कैबिनेट के विस्तार को लेकर जारी सस्पेंस अब खत्म हो गया है। मंगलवार को चार नए चेहरों की योगी कैबिनेट में एंट्री हो गई। लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में सामाजिक समीकरणों को साधते हुए योगी ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला विस्तार किया। प्रदेश में सोमवार से ही कैबिनेट विस्तार को लेकर तमाम तरह की अटकलें चल रही थीं। मंगलवार शाम पांच बजे लखनऊ के राजभवन में सीएम योगी की अगुवाई में जब चारों नए चेहरे दिखाई दिए, तो सभी अटकलों को विराम लग गया।
राजभर, दारा सिंह, अनिल और सुनील बने मंत्री
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल विस्तार मंगलवार को हो ही गया। बीजेपी के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, बीजेपी एमएलसी दारा सिंह चौहान, गाजियाबाद जिले की साहिबाबाद सीट से विधायक सुनील कुमार और आरएलडी कोटे के अनिल कुमार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंत्री पद की शपथ दिलाई।
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार के अवसर पर राज भवन, लखनऊ में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में… https://t.co/0guSFpx9ZP
— Yogi Adityanath (मोदी का परिवार) (@myogiadityanath) March 5, 2024
पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
विपक्ष ने इस कैबिनेट विस्तार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक्सपेंशन महज एक चुनावी हथकंडा है जिसका फायदा बीजेपी को नहीं होगा। समाजवादी पार्टी ने इस आरोप के साथ में दावा किया कि इस तरह कैबिनेट के विस्तार करने से लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होता है। इसके साथ ही दूसरे विपक्षी दल बहुजन समाज पार्टी ने आरोप लगाया कि यह विस्तार जातिवाद से प्रेरित है। हालांकि बीजेपी ने इस आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस विस्तार में पिछड़े और दलितों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। गौरतलब है कि योगी मंत्रिमंडल के इस विस्तार के जरिए पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दोनों क्षेत्रों को संतुलित करने की कोशिश की गई है।