
पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। बालाघाट के अविनाश पारधी कहते हैं कि बड़ी उम्मीद से प्रशिक्षण के लिए आवेदन जमा किया था लेकिन उनके पास आज तक कोई ऑफर लेटर नहीं आया। घरेलू उपकरण जैसे वाशिंग मशीन आदि के लिए ट्रेनिंग लेना चाह रहा था। ऐसा लगता है कि योजना महज चुनावी लालीपॉप है। ये हालात मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के हैं। विधानसभा चुनाव के पहले राज्य सरकार ने इस योजना को लॉन्च किया था।
इसमें 12वीं से लेकर आईआईटी करने वाले युवाओं को स्वारोजगार से जोड़ने के लिए स्टाइपेंड सिस्टम लागू किया। इसमें 8 हजार से दस हजार रुपए तक स्टाइपेंड देने की व्यवस्था की गई। प्रत्येक युवा को राज्य शासन द्वारा 1 लाख रुपए तक का स्टाइपेंड देने का कार्यक्रम है। लेकिन साल बीतने में अब पांच माह बचे हैं लेकिन स्वरोजगार से जोड़ने की संख्या 19 हजार तक ही पहुंच पाई है। जबकि प्रशिक्षण के लिए आवेदन देने वाले युवाओं की संख्या 9.25 लाख से अधिक हो चुकी है।
सरकार का दावा
योजना के तहत प्रतिवर्ष 1 लाख युवाओं को लाभ मिलेगा। जरूरत पड़ने पर लक्ष्य को और भी बढ़ाया जा सकता है।
इस साल उद्योगों और संस्थाओं ने निकालीं 30 हजार वैकेंसी
योजना प्रारंभ होने के बाद से प्रदेश के औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए 46 सेक्टर के 700 से अधिक पाठ्यक्रमों में 30 हजार वैकेंसी निकाली गई हैं। बावजूद, रिस्पॉन्स पुअर मिल रहा है।
जानिए क्यों पड़ा लक्ष्य पर असर
- विधानसभा चुनाव के कारण ढाई माह पोर्टल बंद रहा।
- आने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान भी पोर्टल बंद रहेगा।
- ऑफर लेटर मिलने के लिए सात दिन में हां करना होता है। ज्यादातर युवा अपनी सहमति नहीं दे पाए।
योजना में यह है दो दिन का सच
स्थिति 12 मार्च 2024 13 मार्च 2024 बढ़े
पंजीकृत संस्था 22,668 22,708 40
प्रकाशित पद 82,183 82,293 110
पंजीकृत अभ्यर्थी 9,25,079 9,25,228 149
जनरेटेड अनुबंध 35,512 35,674 162
स्वीकृत अनुबंध 26,326 26,439 113
अनुमोदित अनुबंध 23,255 23,404 149
जॉइन अभ्यर्थी 18,864 18,986 122
स्रोत: मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना पोर्टल (12-13 मार्च )
कहां आवेदन दिया, भूल गए
अब याद नहीं कि उन्होंने किस कंपनी में प्रशिक्षण के लिए आवेदन दिया था। एमपीईबी से एक बार कॉल आया, कहा कि उनके यहां वैकेंसी नहीं है। -त्रिलोक नरवरिया, सेवनिया ओंकारा, भोपाल
500 किमी दूर कैसे जाएं
सात माह पहले सौर ऊर्जा पर ट्रेनिंग लेने के लिए आवेदन किया था। भोपाल में प्रशिक्षण लेना चाहता हूं लेकिन उन्हें सतना, रीवा और सागर से कॉल आए। 500 किमी दूर कैसे जाएं। -ललित बघेल,कोसमी बालाघाट
प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते हैं
इस साल 30 हजार वैकेंसी उद्योगों और संस्थाओं की ओर से निकाली गई। हम विभाग के माध्यम से कंपनी और युवाओं के बीच प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का काम करते हैं। -सोमेश मिश्रा, संचालक, कौशल विकास