
इंदौर। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों का इंदौर में चल रहा 89 घंटे लंबा धरना रविवार सुबह समाप्त हो गया। छात्रों की प्रमुख मांगों पर सरकार और आयोग ने सहमति जता दी है। प्रदर्शन में शामिल छात्रों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिला और समाधान पर सहमति बनी।
प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। चर्चा के बाद छात्रों की 7 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। आंदोलन के दौरान दो छात्र आमरण अनशन पर बैठे थे। इनमें से अरविंद सिंह भदौरिया की हालत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
कलेक्टर ने की ढाई घंटे चर्चा
शनिवार देर रात कलेक्टर आशीष सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से मुख्यालय पर बातचीत की। करीब ढाई घंटे चली इस बातचीत में छात्रों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों पर सहमति बन गई है। इसके बाद छात्र प्रदर्शन समाप्त करने को तैयार हो गए।
क्या है छात्रों की प्रमुख मांगे
- 87% वाले सभी छात्रों की उत्तरपुस्तिकाएं सार्वजनिक की जाएंगी।
- अधिकतम पोस्ट पर भर्ती सुनिश्चित होगी।
- साक्षात्कार के अंक कम किए जाएंगे और बिना पहचान के इंटरव्यू आयोजित होंगे।
- 87/13 विवाद का जल्द निराकरण किया जाएगा।
- एमपीपीएससी में सुधार के लिए कमेटी बनेगी, जिसमें छात्रों का एक प्रतिनिधि होगा।
- सहायक प्राध्यापक के साक्षात्कार जल्द आयोजित होंगे।
- भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए पोर्टल बनाया जाएगा, जहां छात्रों से सुझाव लिए जाएंगे।
आंदोलन में प्रदेशभर के छात्र शामिल
धरने में प्रदेशभर से करीब 2,000 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद छात्र मुख्यालय के बाहर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों को लेकर राज्य सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया और समस्याओं के समाधान का वादा किया।
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