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7th Pay Commission: होली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को मिला तोहफा, महंगाई भत्ते में 4% का इजाफा, उज्ज्वला की सब्सिडी भी एक साल के लिए बढ़ी

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय कर्मचारियों को 50 फीसदी की दर से महंगाई भत्ते का भुगतान होगा। यह इजाफा 1 जनवरी 2024 से लागू होगा। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गुरूवार को इसे मंजूरी मिल गई। होली से पहले इसे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी माना जा रहा है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के पेंशनरों की महंगाई राहत की दर भी 4 फीसदी बढ़ा दी गई है। सरकार के इस फैसले से केंद्र सरकार के 49 लाख 18 हजार कर्मचारियों-अधिकारियों और 67 लाख 95 हजार पेंशनर्स को फायदा होगा

दो महीने का एरियर मिलेगा वेतन और पेंशन के साथ

जनवरी और फरवरी के एरियर की राशि मार्च के अंत में सैलरी एकाउंट में जमा कराई जाएगी। ये लगातार चौथी बार हुआ है, जब महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा हुआ है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से सरकार पर सालाना 12 हजार 868 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा। अब तक केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के तौर पर बेसिक सैलरी का 46 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाता था, जो अब बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। उदाहरण के लिए अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30000 रूपए है तो उसे बेसिक सैलरी के साथ 15000 रूपए महंगाई भत्ते के मिलेंगे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी दी।

ये अहम फैसले भी हुए

1. शुक्रवार को महिला दिवस से पहले एक अहम फैसला लेते हुहए केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के लिए प्रति सिलेंडर 300 रुपए की सब्सिडी की य़ोजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। यह सब्सिडी अब 31 मार्च 2025 तक जारी रहेगी और हर साल 12 सिलेंडर पर यह सब्सिडी मिलेगी।

2. AI मिशन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस पर 10 हजार 372 करोड़ का खर्च आएगा। इस योजना के तहत देश में AI सर्विस मार्केट को डेवलप किया जाएगा और स्टार्टअप, एकेडेमिक्स को प्रोत्साहित किया जायेगा। केंद्र सरकार जल्द ही इंडिया AI सेंटर को बी तैयार करेगी जिसमें इंडिया AI डेटाबेस होगा। इस योजना के जरिए देश के प्रमुख सेक्टर को AI के जरिए सॉल्यूशन उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ ही टियर 2 और टियर 3 शहरों में इसके लिए कोर्स शुरू किए जाएंगे।

3. केंद्र ने कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 285 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा किया है। इसका सीधा फायदा 40 हजार किसानों को होगा। इसके साथ ही जूट उद्योग से जुड़े 5 लाख कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। देश में अब जूट की कीमत 5335 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है, जो कॉस्ट ऑफ प्रोडक्शन से 65 फीसदी ज्यादा है। इसका सबसे ज्यादा लाभ पश्चिम बंगाल को होगा क्योंकि वहां जूट की सबसे ज्यादा खेती होती है।

4. नॉर्थ ईस्ट के राज्यों ट्रांसफॉर्मेशनल स्कीम को मंजूरी दी गई। इसके लिए 10 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट होगा।

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