
नवीन यादव\इंदौर प्रदेश के चार बड़े शहरों में फरवरी माह में वाहनों का रजिस्ट्रेशन तेजी से गिरा है। इसका कारण उज्जैन में चल रहा वाहनों का मेला है जिसमें वाहनों की खरीदी पर छूट मिल रही है। सबसे ज्यादा असर इंदौर के वाहन बाजार में देखने को मिला। यहां प्रतिदिन औसतन 520 से अधिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता था, वह घटकर अब करीब 261 रह गया है। यही हाल भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर का भी है। इंदौर में पिछले 5 दिनों में केवल 1,306 वाहन रजिस्टर्ड हुए, जिनमें 137 कारें हैं। इन पांच दिनों में भोपाल में सबसे ज्यादा 224 कारें रजिस्टर्ड हुई हैं। इंदौर आरटीओ के अनुसार, पिछले साल कुल 1 लाख 90 हजार 22 वाहन रजिस्टर्ड हुए, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक थे। इस हिसाब से इंदौर में औसतन रोजाना 520 वाहन पंजीकृत हुए हैं।
इंदौर में डीलर्स कर रहे उज्जैन मेले की ब्रांडिंग
इंदौर के डीलर अपने शोरूमों पर आरटीओ टैक्स पर 50 प्रतिशत की छूट के बोर्ड लगाकर उज्जैन वाहन मेले की ब्रांडिंग कर रहे हैं। इसका असर इंदौर में गाड़ियों की बिक्री पर पड़ रहा है। इंदौर के शोरूम पर आने वाले ग्राहक वाहन खरीदने के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं। इससे इंदौर में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या में गिरावट देखने को मिली और फरवरी के अंतिम सप्ताह में वाहनों की बिक्री घटने लगी, जबकि इंदौर में प्रदेश के सबसे ज्यादा वाहन बिकते हैं।
इंदौर में कितने वाहन रजिस्टर्ड (01 से 05 मार्च तक)
इंदौर
- कुल रजिस्टर्ड 1306
- कारें 137
- दो पहिया 1019
- अन्य वाहन 150
फरवरी में ग्वालियर रहा अव्वल
फरवरी में ग्वालियर मेले का असर यह रहा कि यहां पर कुल 19,493 वाहनों के रजिस्ट्रेशन हुए।
हम मेले को लेकर उत्साहित हैं। उम्मीद है कि इन 40 दिनों में हम 15 हजारें कारें बेच देंगे। विशाल पमनानी, जॉइंट सेक्रेटरी, इंदौर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसो