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पहले चरण में 41% सीटों में 3 से 4 दागी उम्मीदवार

एडीआर ने नामांकन दाखिल करने वाले 1625 में से 1618 प्रत्याशियों के हलफनामे का किया विश्लेषण

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में जिन 102 सीट पर 19 अप्रैल को मतदान होगा उनमें से 42 सीट ऐसी हैं जहां पर तीन या इससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। द एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने अपने विश्लेषण के आधार पर यह जानकारी दी है। एडीआर ने पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने वाले 1625 उम्मीदवारों में से 1618 उम्मीदवारों के चुनावी हलफनामे का विश्लेषण किया। एडीआर द्वारा किए गए हलफनामों के विश्लेषण के अनुसार 1618 में से 16 प्रतिशत यानी 252 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस, 10 प्रतिशत यानी 161 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक केस दर्ज हैं। सात पर हत्या का मुकदमा दर्ज है, जबकि 19 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला है।

बलात्कार का आरोपी भी चुनाव मैदान में उतरा

एडीआर ने घरेलू चुनाव निगरानी के लिए नागरिक समाज समूहों के गठबंधन, नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ मिलकर प्रत्याशियों की ओर से नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामों का विश्लेषण किया है। इसके मुताबिक 18 उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामलों की घोषणा की है, और उनमें से एक पर धारा 376 के तहत बलात्कार का आरोप है। संगठन ने बताया कि 35 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनपर घृणा भाषण देने का आरोप है।

इसके मुताबिक सात चरणों के लोकसभा चुनाव में पहले चरण में जिन 102 सीट पर 19 अप्रैल को मतदान होगा उनमें से 42 सीट यानी 41 प्रतिशत रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र हैं। एडीआर के मुताबिक रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र का अभिप्राय उन सीट से हैं जहां से किस्मत आजमा रहे तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। विश्लेषण के मुताबिक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा इस चरण के लिए मैदान में उतारे गए सभी चारों उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है।

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