
जबलपुर। उप जेल पाटन में बंद 2 शातिर कैदी बाहरी साथियों की मदद से जेल की दीवार फांद कर शुक्रवार की सुबह-सुबह रफूचक्कर हो गए। कैदियों के भागते ही जेल परिसर में हड़कंप मच गया और जेल कर्मचारियों ने फरार कैदियों को पकड़ने उनका पीछा शुरू कर दिया। एक घंटे की मशक्कत के बाद जेल अधिकारी और कर्मचारियों ने झाड़ियों के बीच दोनों कैदियों को घेर लिया। शातिर बदमाशों ने मौके से भागने के लिए जेल कर्मचारियों से झूमाझटकी की, लेकिन पीछे से जेल का अन्य स्टाफ पहुंच गया और दोनों कैदियों को पुन: उप जेल में बंद कराया गया है। उप जेल पाटन के जेलर हेमेंद्र बागरी ने बताया कि सुबह करीब 6.40 बजे जेल के बगीचा में कार्य चल रहा था, तभी जेल में बंद शेख शहादत निवासी कटरा मोहल्ला पाटन और कृष्णा यादव निवासी कूड़न मोहल्ला कटंगी दीवार फांदकर भाग गए थे।
प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि बगीचा की ओर जेल दीवार पर पीछे की ओर से किसी बाहरी व्यक्ति ने सीढ़ी लगाई थी। दीवार के पीछे से रस्सी भी जेल के अंदर की ओर फेंकी गई थी। कैदी शेख शहादत और कृष्णा यादव रस्सी के सहारे दीवार के उपरी हिस्से तक पहुंचे, तभी पीछे दीवार में लगी सीढ़ी अचानक नीचे गिर गई। दोनों कैदी दीवार से कूद कर भागे, जिसमें उनके शरीर में कुछ चोट भी आई हैं। दोनों कैदियों को जेल से करीब 800 मीटर की दूरी पर घेराबंदी कर पकड़ा गया है। बताया जाता है कि जेल से भागे कैदियों को पकड़ने पहुंचे जेलर, जेल कर्मी और पुलिस से दोनों कैदी हाथापाई करने लगे, जिसमें जेलर हेमेंद्र बागरी व अन्य कर्मियों को चोट लगी हैं।
इन बिंदुओं पर की जा रही जांच
- बंदियों के भागने में जेल की दीवार के पीछे किसने मदद की
- बंदियों के भागने के दौरान मौके पर कौन था
- क्या भागने की प्लानिंग दोनों बंदियों ने पहले बना ली थी
- जेल के अंदर भी बंदियों के भागने में मदद की गई
कार्रवाई की जा रही है
जेल प्रबंधन इस मामले की जानकारी वरिष्ठ जेल प्रबंधन सहित पुलिस को दी है। जिस पर आगे की कारर्वाई की जा रही है। -सूयर्कांत शर्मा, एएसपी, जबलपुर