
भोपाल। 15 अगस्त को देश 78वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने जा रहा है। इसको लेकर देश भर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, दफ्तरों, गली चौराहों समेत देश के हर कोने में तिरंगा फहराया जाएगा। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के 177 कैदियों को रिहा करने का आदेश जारी किया है। इन कैदियों में 5 महिलाएं भी शामिल हैं। इन कैदियों में से ज्यादातर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सजा खत्म होने से पहले ही कैदियों को उनके अच्छे आचरण के आधार रिहा किया जा रहा है। रिहाई प्रक्रिया राज्य सरकार की 22 सितंबर 2022 की नीति के तहत सजा में छूट के प्रावधान के अंतर्गत दी गई है।
कैदियों को दी गई रोजगार की ट्रेनिंग
15 अगस्त को रिहा हो रहे कैदियों को टेलरिंग, कारपेंट्री, लोहारी, भनव मिस्त्री, भवन सामग्री निर्माण जैसे कार्यों को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि जेल से रिहा होने के बाद जीवन-यापन के लिए पैसे कमा सकें। रिहाई के अंतर्गत ऐसे कोई कैदी शामिल नहीं हैं जो बलात्कार और पास्को के मामले में सजा काट रहे हैं। ऐसे कैदियों की सजा में कोई छूट नहीं मिली है।
इसी मौके पर मध्य प्रदेश के 69 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा, जिसमें से 7 पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को वीरता पदक दिया जाएगा।
किस जेल से कितने कैदी होंगे रिहा
1. केन्द्रीय जेल, उज्जैन | 19 बंदी |
2. केन्द्रीय जेल, सतना | 24 बंदी |
3. केन्द्रीय जेल, नर्मदापुरम | 06 बंदी |
4. केन्द्रीय जेल, बड़वानी | 07 बंदी |
5. केन्द्रीय जेल, ग्वालियर | 16 बंदी |
6. केन्द्रीय जेल, जबलपुर | 20 बंदी |
7. केन्द्रीय जेल, रीवा | 14 बंदी |
8. केन्द्रीय जेल, सागर | 19 बंदी |
9. जिला जेल, टीकमगढ़ | 04 बंदी |
10. केन्द्रीय जेल, नरसिंहपुर | 15 बंदी |
11. केन्द्रीय जेल, इंदौर | 18 बंदी |
12. केन्द्रीय जेल, भोपाल | 15 बंदी |