
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 और 23 अक्टूबर को रूस के कजान में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी। इस बैठक के दौरान वे सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इस साल 16वीं BRICS समिट के अध्यक्षता की जिम्मेदारी रूस को सौंपी गई थी। इस सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल होंगे। संभावना जताई जा रही है कि पीएम मोदी और जिनपिंग नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हो सकती है।
मोदी-जिनपिंग की मुलाकात
पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आखिरी मुलाकात 2022 में इंडोनेशिया के बाली में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के चलते यह मुलाकात अहम मानी जा रही है।
जुलाई में हुआ था मोदी का रूस दौरा
प्रधानमंत्री मोदी इस साल जुलाई में रूस गए थे, जहां उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया था। अपनी रूस यात्रा के दौरान मोदी ने रूस-भारत शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लिया और पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। रूस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया गया था।
क्या है BRICS
BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक प्रमुख समूह है। इसकी स्थापना 2009 में हुई थी और 2010 में दक्षिण अफ्रीका इसके पांचवें सदस्य के रूप में शामिल हुआ। BRICS देशों का वैश्विक GDP में 23% और विश्व व्यापार में 18% योगदान है। इसका मकसद दुनिया की फॉरेन पॉलिसी में अमेरिका के दबदबे को कम करना और अपने संबंधों को नए सिरे से खड़ा करना था। BRICS शब्द को ब्रिटिश इकोनॉमिस्ट जिम ओ’निल ने गढ़ा था।
BRICS समूह का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना और वैश्विक मंच पर संयुक्त रूप से प्रभाव डालना है। इसके सदस्य देश तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और इनका विदेशी मुद्रा भंडार 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है। इनकी मुद्राओं का नाम ‘R’ अक्षर से शुरू होने के कारण इसे कभी-कभी R-5 भी कहा जाता है। BRICS का पहला शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में हुआ था। तब से, यह समूह विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य कर रहा है।