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1500 सीटर हॉल हाउसफुल रहा, कुणाल के गानों पर झूम उठे श्रोता

रवींद्र भवन में मैजिक ऑफ किशोर नाइट का आयोजन
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1500 सीटर हॉल हाउसफुल रहा, कुणाल के गानों पर झूम उठे श्रोता
बॉलीवुड सिंगर कुणाल गांजावाला के गीतों से शनिवार को रवींद्र भवन का हंसध्वनि सभागार गूंज उठा। मौका था, सम्राट संगीत साधना सेवा समिति द्वारा आयोजित मैजिक ऑफ किशोर नाइट का। हरफनमौला गायक कलाकार किशोर कुमार के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस संगीत संध्या में कुणाल गांजावाला ने एक से बढ़कर एक गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। म्यूजिकल ईव की शुरुआत शहर के फनकारों की प्रस्तुति के साथ हुई। इस दौरान फनकारों ने किशोर कुमार के हिट गीतों की प्रस्तुति दी। इसके बाद कुणाल ने किशोर कुमार के गीत रिमझिम गिरे सावन... से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने आने वाला पल जाने वाला है... गीत सुनाया। देर रात तक चले कार्यक्रम में कुणाल ने एक से बढ़कर एक गीत सुनाए, जिन पर श्रोता झूम उठे। इस दौरान कुणाल गांजावाला को किशोर सम्मान से सम्मानित किया गया। इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह गौतम, अरुणेश्वर सिंहदेव उपस्थित रहे।

इन्होंने भी दी परफॉर्मेंस

कार्यक्रम में कुणाल गांजावाला के अलावा शहर के सिंगर्स ने गानों की परफॉर्मेंस दी। इस दौरान प्रवीण कश्यप, सुनील शुक्रवारे, अमित वाधवा, सुनील श्रीवास्तव, संजय तिवारी, संतोष चौकसे, योगेंद्र कटारे, महेंद्र शुक्रवारे, मिलिन मिश्रा, अनमोल सक्सेना, श्रीजा उपाध्याय, मीता श्रीवास्तव, उपासना त्यागी, आनंदा पाठक, मान्या कोरे ने भी किशोर कुमार के गानों की प्रस्तुति दी।

सीए बनना चाहता था, रैगिंग ने बना दिया सिंगर : कुणाल गांजावाला

1990 में जब ‘आशिकी’ आई थी तो कॉलेज के फर्स्ट ईयर में पढ़ने के दौरान उसी फिल्मों के गानों पर बाथरूम में सीटी बजा रहा था। बाहर आया तो सीनियर्स ने रैगिंग लेना शुरू कर दी और गाने के लिए बोला। मरता क्या न करता, गाना गाया तो उनको अच्छा लगा और दो महीने बाद होने वाले इवेंट में मुझे सिंगर के तौर पर प्रस्तुत किया गया। वहीं से इंटर कॉलेज प्रतियोगिताओं में भाग लिया, साथ ही जिंगल्स गाने भी शुरू कर दिए। ये कहना था, पार्श्व गायक कुणाल गांजावाला का। वे रवींद्र भवन में सम्राट संगीत साधना सेवा समिति द्वारा आयोजित म्यूजिकल ईव मैजिक ऑफ किशोर में शामिल होने के लिए भोपाल आए। उन्होंने बताया कि मैं इत्तेफाकन सिंगर बना, जिसने न कभी स्कूल के मंच पर गाया और न कोई सुर का ज्ञान। मुझे बचपन में क्रिकेट का शौक था और मैं सीए बनना चाहता था, लेकिन कॉलेज से संगीत का सफर शुरू हो गया।

बच्चे को समय देने के लिए लिया था बॉलीवुड से रेस्ट

कुणाल ने बताया कि मैं 18 साल की उम्र से प्रोफेशनली सिंगिंग करने लगा था, ऐसे में मैं अपने पैरेंट्स को अधिक समय नहीं पाया। 2015 में मेरा बेटा हुआ तो उसे समय देने के लिए मैंने बॉलीवुड का दो साल का रेस्ट लिया। फैमिली के साथ समय बिताने लगा तो वह अच्छा लगने लगा, इसके बाद मेरे पिता बीमार हो गए और फिर कोविड आ गया। तभी से बॉलीवुड में सिंगिंग नहीं कर रहा हूं।
People's Reporter
By People's Reporter

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