
भोपाल। 15 अगस्त को 78वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। आजादी की वर्षगांठ भोपाल केंद्रीय जेल में सजा काट रहे कैदियों के लिए आजादी का पैगाम लेकर आई। जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 15 बंदियों को सजा खत्म होने से पहले ही उनके अच्छे आचरण के आधार रिहा किया गया। बता दें कि प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के 177 कैदियों को रिहा करने का आदेश जारी किया था।
सेंट्रल जेल में किया ध्वजारोहण
भोपाल केंद्रीय जेल से 15 अगस्त को राज्य शासन से सजा माफी का लाभ प्राप्त करने वाले 15 बंदियों को रिहा कर दिया गया। जेल उप अधीक्षक एमएस मरावी ने उन्हें आजादी की वर्षगांठ पर जेल से आजाद होने पर बधाई दी और बेहतर सामाजिक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। साथ ही मरावी ने भोपाल सेंट्रल जेल में ध्वजारोहण भी किया। जिन 15 बंदियों को रिहाई मिली, उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इन 15 बंदियों में 14 पुरुष और एक महिला शामिल है।
किस जेल से कितने कैदी होंगे रिहा
1. केन्द्रीय जेल, उज्जैन | 19 बंदी |
2. केन्द्रीय जेल, सतना | 24 बंदी |
3. केन्द्रीय जेल, नर्मदापुरम | 06 बंदी |
4. केन्द्रीय जेल, बड़वानी | 07 बंदी |
5. केन्द्रीय जेल, ग्वालियर | 16 बंदी |
6. केन्द्रीय जेल, जबलपुर | 20 बंदी |
7. केन्द्रीय जेल, रीवा | 14 बंदी |
8. केन्द्रीय जेल, सागर | 19 बंदी |
9. जिला जेल, टीकमगढ़ | 04 बंदी |
10. केन्द्रीय जेल, नरसिंहपुर | 15 बंदी |
11. केन्द्रीय जेल, इंदौर | 18 बंदी |
12. केन्द्रीय जेल, भोपाल | 15 बंदी |
कैदियों को दी गई रोजगार की ट्रेनिंग
15 अगस्त को रिहा हो रहे कैदियों को टेलरिंग, कारपेंट्री, लोहारी, भनव मिस्त्री, भवन सामग्री निर्माण जैसे कार्यों को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि जेल से रिहा होने के बाद जीवन-यापन के लिए पैसे कमा सकें। रिहाई के अंतर्गत ऐसे कोई कैदी शामिल नहीं हैं जो बलात्कार और पास्को के मामले में सजा काट रहे हैं। ऐसे कैदियों की सजा में कोई छूट नहीं मिली है।