ताजा खबरभोपालमध्य प्रदेश

स्कूल जाने के लिए निकला 10वीं का छात्र निशातपुरा स्टेशन पर आग से झुलसा, मौत

घटनास्थल पर नहीं मिला बस्ता, आग से झुलसने का कारण साफ नहीं

भोपाल। निशातपुरा स्टेशन पर दसवीं कक्षा का छात्र संदिग्ध हालत में करंट लगने से झुलस गया। उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चार दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। घटनास्थल पर छात्र के झुलसे हुए कपडे और जूते मिले थे, लेकिन उसका बस्ता कहां गया, इसका पता नहीं चल पाया है। छात्र निशातपुरा स्टेशन किस कारण पहुंचा था, इसका भी खुलासा नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस के मुताबिक तरुण साहू पुत्र अशोक साहू (16) कल्याण नगर छोला मंदिर में रहता था और इलाके के ही एक प्रायवेट स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ता था।

परिवार में मां के अलावा दो बड़े भाई हैं, जबकि पिता का निधन हो चुका है। सबसे बड़ा भाई अभिषेक ऑटो चलाकर घर की जिम्मेदारी उठाता है। अभिषेक ने पुलिस को बताया कि मंगलवार 7 नवंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे तरुण घर से स्कूल जाने का कहकर निकला था, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंचा। सुबह करीब दस बजे एम्बुलेंस वालों ने तरुण से पूछकर उसे फोन लगाया और बताया कि तरुण निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर करंट लगने से झुलस गया है। वह तुरंत ही राममंदिर के पास खड़ी एम्बुलेंस के पास पहुंचा और भाई को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले गया। हमीदिया में इलाज के दौरान शुक्रवार-शनिवार रात तरुण ने दम तोड़ दिया। बताया गया है कि वह करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गया था। अस्पताल से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची जीआरपी ने पीएम के बाद लाश परिजन को सौंप दी है।

आसपास के लोगों ने बुझाई थी आग

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना वाले दिन स्कूली यूनिफॉर्म पहने तरुण आग की लपटों में घिरा हुआ था, जो बचाने के लिए चिल्लाता हुआ निशातपुरा स्टेशन पहुंचा था। यहां गोदाम के आसपास काम करने वालों की नजर पड़ी तो वह दौड़कर मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाकर एम्बुलेंस को सूचना दी। उस वक्त तरुण बुरी तरह से झुलस चुका था, लेकिन उसने बड़े भाई का फोन नंबर एंबुलेंस के कर्मचारियों को बता दिया था। अगले दिन जब परिजन घटनास्थल पहुंचे तो वहां तरुण के जूते और जली हुई स्कूली ड्रेस मिली। छात्र करंट से कैसे झुलसा, इसका खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस का अनुमान है कि उसे पटरी किनारे लगी किसी डीपी से करंट लगा होगा, जिसके बाद वह बचने के लिए भागा होगा। हालांकि तरुण ने अपना स्कूल बैग कहां रखा था, इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

संबंधित खबरें...

Back to top button