10 Most Dangerous Countries : इन 10 देशों में महिलाएं अकेले घूमने न जाएं, क्योंकि बहुत खतरा है, अब जानिए इस लिस्ट में भारत की पॉजिशन

दुनिया भर में महिलाओं की सुरक्षा एक चिंता का विषय है। इस समय भारत के पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में हुए महिलाओं से दुर्व्यवहार इसका ताजा उदाहरण हैं। खैर, आज ‘सोलो ट्रैवेलिंग’ घूमने का एक मशहूर कल्चर है। इसकी एक वजह वीडियो ब्लॉगिंग का बढ़ता चलन भी है। आज इंटरनेट पर व्लोगिंग (Vlogging) से जुड़ा कंटेंट सबसे अधिक देखे जाने वाली श्रेणियों में से एक है। सोलो ट्रैवलिंग में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इन सबके बीच यह सवाल खड़ा होता है कि क्या सोलो ट्रैवलिंग कर रही महिलाओं के लिए दुनिया के सारे देश सुरक्षित हैं या नहीं ?
दुनिया के बहुत से देशों में महिला सोलो ट्रैवलर के साथ मिसबिहेव, छेड़छाड़ और रेप जैसी घटनाओं की खबरें आती रहती हैं। आइए जानते हैं, महिला सोलो ट्रैवलिंग के लिए कौन से 10 देश सबसे ज्यादा अनसेफ हैं और इस लिस्ट में भारत किस नंबर पर है। इसके लिए World Population Review ने Women Danger Index जारी किया है।
दुनिया के बहुत से देशों में महिला सोलो ट्रैवलर के साथ मिसबिहेव, छेड़छाड़ और रेप जैसी घटनाओं की खबरें आती रहती हैं। आइए जानते हैं, महिला सोलो ट्रैवलिंग के लिए कौन से 10 देश सबसे ज्यादा अनसेफ हैं और इस लिस्ट में भारत किस नंबर पर है। इसके लिए World Population Review ने Women Danger Index जारी किया है।
इन 10 देशों में महिलाएं अकेले घूमने न जाएं
- Women Danger Index के मुताबिक महिला सोलो ट्रैवेलिंग के लिए साउथ अफ्रीका सबसे असुरक्षित देश है। रात में बिनी किसी साथी के घर से बाहल निकलने पर सिर्फ 25 प्रतिशत महिलाएं ही सुरक्षित महसूस करती हैं। महिला सुरक्षा को लेकर, सुरक्षा का यह प्रतिशत दुनियाभर में सबसे कम है।
- इस लिस्ट में ब्राजील दूसरे स्थान पर है। सिर्फ 28 प्रतिशत महिलाएं रात में सड़कों पर अकेले होते हुए खुद को सुरक्षित पाती हैं। महिलाओं के इंटेंशनल होमीसाइड को लेकर भी ब्राजील पूरी दुनिया में तीसरे स्थान पर है।
- महिलाओं के इंटेंशनल होमीसाइड को लेकर रूस दूसरे स्थान पर है। इसी कारण इस सूची में रूस को तीसरे पायदान पर रखा गया है।
- मैक्सिको में महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर विषय बनता जा रहा है। यहां महिलाएं रात में अकेले सड़कों पर निकलने से कतराती हैं। महिलाओं के इंटेंशनल होमीसाइड और सेफ्टी के खतरों में यह देश चौथे स्थान पर है।
- ईरान में जेंडर गैप, महिला और पुरुषों में फाइनेंशियल, एजुकेशनल, स्वास्थ्य और राजनीतिक आधार पर बहुत अधिक असमानताएं हैं। विमेन एंपावरमेंट की सूची में भी ईरान बहुत नीचे है। यही वजह है कि ईरान को महिलाओं के लिए सुरक्षित देश नहीं माना जाता है।
- कैरिबियन देश डोमिनिकन रिपब्लिक की 33 प्रतिशत महिलाओं का मानना है कि यहां रात में महिलाओं के लिए अकेले सफर करना या घर से बाहर होना सुरक्षित नहीं है। इस लिस्ट में यह देश 6वें स्थान पर है। महिलाओं के इंटेंशनल होमीसाइड के मामलों में डोमिनिकन रिपब्लिक 5वें स्थान पर काबिज है।
- जेंडर गैप को लेकर इजिप्ट दुनिया में चौथे नंबर पर है। साथ ही लैंगिक भेदभाव और महिला सुरक्षा को लेकर यह 7वें स्थान पर है।
- Women Danger Index में मोरोक्को आठवें स्थान पर है। आंकड़ों के मुताबिक, मोरोक्को में लगभग आधी महिलाएं मानसिक या शारीरिक शोषण का शिकार होती हैं। महिलाओं के साथ ऐसी घटनाएं उनके ही पार्टनर द्वारा किए जाते हैं।
- इस सूची में भारत को 9वां रैंक मिला है। पूरे जीवन में कम से कम एक बार लगभग 37 प्रतिशत महिलाएं अपने पार्टनर द्वारा हिंसा की घटनाएं अनुभव करती हैं।
- थाईलैंड इस सूची में दसवें स्थान पर है, जहां 44 प्रतिशत महिलाएं अपने ही पार्टनर द्वारा हिंसा की शिकार होती हैं। 61 प्रतिशत महिलाएं इस बात से सहमत थीं कि खास परिस्थितियों में महिला के साथ हुई हिंसा को उचित ठहराया जा सकता है।





















