
संसद शीतकालीन सत्र के 14वें दिन शुक्रवार को राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष की चर्चा से पहले जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, विपक्ष द्वारा सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जारी किया गया था, जिस पर भाजपा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। इस मामले में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच जमकर बहस हुई। बहस के दौरान सभापति ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इन्होंने संविधान की धज्जियां उड़ा दी हैं।
आप सम्मान नहीं करते तो मैं क्यों करूं- खड़गे
आगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘आपका काम सदन चलाना है और आप हमारे पार्टी के नेताओं का अपमान करते हैं। यहां हम आपकी तारीफ सुनने के लिए नहीं आए हैं। आप किसान के बेटे हैं हो, तो मैं भी मजदूर का बेटा हूं। आप अगर सम्मान नहीं करते तो मैं क्यों करूं।’
इसके बाद धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही को 16 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद सभापति ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को अपने केबिन में मिलने के लिए बुलाया।
सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
देश के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ शाीतकालीन सत्र के 10वें दिन राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी पीसी मोदी को धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। इस नोटिस में कांग्रेस, TMC, AAP, सपा, DMK, CPI, CPI-M और RJD समेत विपक्षी पार्टियों के 60 सांसदों के दस्तखत थे। अविश्वास प्रस्ताव के साथ विपक्ष ने आरोप लगाया हैं कि राज्यसभा के सभापति और उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन चलाते हैं और विपक्ष को बोलने नहीं देते। इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को प्रेस कांग्रेस कर सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के कारणों पर बात की थी।
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