Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

PM मोदी ने यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर का किया उद्घाटन, मेट्रो से पहुंचे; पीएम विश्वकर्मा योजना भी की लॉन्च

Follow on Google News
PM मोदी ने यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर का किया उद्घाटन, मेट्रो से पहुंचे; पीएम विश्वकर्मा योजना भी की लॉन्च
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका में बने इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर यशोभूमि (IICC) के पहले पार्ट का इनॉगरेशन किया। यह दुनिया के सबसे बड़े MICE (मीटिंग्स, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन) सेंटर है। इससे पहले उन्होंने द्वारका सेक्टर-21 से यशोभूमि द्वारका सेक्टर-25 तक बने एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (मेट्रो लाइन) के एक्स्टेंशन का उद्घाटन किया। इसके अलावा पीएम ने द्वारका में 'पीएम विश्वकर्मा' योजना का भी उद्घाटन किया।

मेट्रो में सवार होकर द्वारका पहुंचे पीएम

प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितंबर को द्वारका सेक्टर-21 से यशोभूमि द्वारका सेक्टर-25 तक बने एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (मेट्रो लाइन) के एक्स्टेंशन का उद्घाटन किया। यह एक अंडर ग्राउंड स्टेशन है, जो सीधे शहर की जरूरी जगहों जैसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से जुड़ा होगा। प्रधानमंत्री इसी मेट्रो में सवार होकर द्वारका पहुंचे। मेट्रो में यात्रियों ने उनके साथ खूब फोटो खिंचवाईं और हंसी-मजाक किया। इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी एक बच्चे के साथ खेलते भी नजर आए। यशोभूमि को दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन से जोड़ा जाएगा। बता दें कि दिल्ली मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर मेट्रो ट्रेनों की गति को भी 90 से बढ़ाकर 120 किमी/घंटा करेगी, जिससे यात्रा का समय कम हो जाएगा। नई दिल्ली से यशोभूमि द्वारका सेक्टर 25 तक की यात्रा में लगभग 21 मिनट लगेंगे।

यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर की खासियत

  •  इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर यशोभूमि 219 एकड़ में करीब 5400 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया है।
  • यह कन्वेंशन सेंटर भारत मंडपम से भी बड़ा है, जहां इसी महीने 9 और 10 तारीख को G20 की मिटिंग हुई थी। भारत मंडपम 123 एकड़ में तैयार किया गया है।
  • कन्वेंशन सेंटर में बनी अंडरग्राउंड पार्किंग में एक साथ 3000 कारें पार्क की जा सकती हैं। इस सेंटर में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की सुविधा भी है।
  • 8.9 लाख वर्ग मीटर से ज्यादा एरिया में बने सेंटर में 15 कन्वेंशन रूम हैं।
  • सेंटर में 13 मीटिंग रूम हैं, कॉन्फ्रेंस हॉल में 11000 से ज्यादा लोग बैठ सकते हैं।
  • ऑडिटोरियम में सबसे लेटेस्ट ऑटोमेटिक बैठने के सिस्टम में से एक है, जो फर्श को एक सपाट फर्श या अलग-अलग बैठने की व्यवस्था के लिए ऑडिटोरियम शैली में बैठने की अनुमति देती है।
  • आठ मंजिलों वाले कन्वेंशन सेंटर की सीलिंग, इसकी डिजाइन नीली है।
  • छत को तांबे के साथ डिजाइन किया गया है। इसमें रोशनदानों के जरिए रोशनी आएगी।
  • इसमें टेराज़ो फर्श के रूप में भारतीय संस्कृति से प्रेरित सामग्री और वस्तुओं शामिल हैं।
  • पंखुड़ी वाली छत का ग्रैंड बॉलरूम, फर्श पर पीतल की जड़ाई और रंगोली पैटर्न है।
  • कन्वेंशन सेंटर वॉल को वुडन फ्लोरिंग से डिजाइन किया गया है।
  • कन्वेंशन सेंटर का प्लेनरी हॉल विजिटर को ग्लोबल लेवल एक्सपीरिएंस देगा।
  • इसमें देश की सबसे बड़ी LED स्क्रीन लगाई जाएगाी।
  • इसमें मीडिया रूम, वीवीआईपी लाउंज, क्लोक सुविधाएं, आगंतुक सूचना केंद्र, टिकटिंग जैसे विभिन्न सहायता क्षेत्र होंगे।
  • चमकती दीवारें, आवाज की गूंज को कंट्रोल करने वाले उपकरण इसे खास बनाएंगे।
  • यशोभूमि में 100% अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग, वाटर हार्वेस्टिंग, सौर पैनलों के साथ अत्याधुनिक अपशिष्ट जल उपचार प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • कन्वेंशन सेंटर के मुख्य सभागार में लगभग 6,000 मेहमानों की बैठने की क्षमता है।
कन्वेंशन सेंटर का देखें वीडियो- https://x.com/psamachar1/status/1703034673360769398?s=20

‘पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना’ लॉन्च

विश्वकर्मा जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को ‘पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना’ लॉन्च की। इस योजना से 18 व्यवसायों से जुड़े लोगों को फायदा होगा। इसके लिए 13 हजार करोड़ का आउटले (फंड) बनाया जाएगा।
  • वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना पर 13,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
  • देशभर में करीब 30 लाख पारंपरिक कारीगरों को योजना में फायदा मिलेगा।
  • कामगारों को योजना के पहले चरण में 5% ब्याज दर से 1 लाख रुपए का लोन मिलेगा।
  • यह रकम अगले चरण में 2 लाख रुपए कर दी जाएगी। योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को ट्रेनिंग भी मिलेगी।

इन 18 व्यवसायों से जुड़े लोगों को फायदा होगा

  1. कारपेंटर (बढ़ई)
  2. नाव बनाने वाले
  3. अस्त्र बनाने वाले
  4. लोहार
  5. ताला बनाने वाले (मरम्मतकार)
  6. हथौड़ा और टूलकिट निर्माता
  7. सुनार
  8. कुम्हार
  9. मूर्तिकार
  10. मोची
  11. राज मिस्त्री
  12. टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले
  13. पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले
  14. नाई
  15. मालाकार
  16. धोबी
  17. दर्जी
  18. मछली का जाल बनाने वाले
ये भी पढ़ें- VIDEO : द्वारका में इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर बनकर तैयार, पीएम मोदी कल करेंगे इनॉगरेशन; जानें खासियत
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

Latest Posts