
नई दिल्ली। भारतीय सेना को नागास्त्र-1 नाम का आत्मघाती ड्रोन का पहला बैच के रूप में 120 ड्रोन प्राप्त हो गए हैं। यह मैन-पोर्टेबल यानी इसे जवान खुद ही उठाकर कहीं भी ले जाए जा सकते हैं। यह ड्रोन दुश्मन के प्रशिक्षण शिविरों, लॉन्च पैड और घुसपैठियों पर सटीक हमला करने में सक्षम हैं। यह हाई-टेक ड्रोन पूरी तरह से भारत में नागपुर की कंपनी इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड (ईईएल) द्वारा डिजाइन और विकसित किए गए हैं। यह सोलर इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी है।
खास बात
यदि किसी लक्ष्य का पता नहीं चल पाता है या मिशन रद्द हो जाता है, तो इस ड्रोन को वापस बुलाया जा सकता है और पैराशूट रिकवरी तंत्र के साथ सॉफ्ट लैंडिंग की जा सकती है, जिससे उन्हें कई बार पुन: उपयोग किया जा सकता है।
- 480 ड्रोन में से ईईएल ने 120 नागास्त्र-1 सेना को सौंपे।
- 09 किलो मात्र है वजन है नागास्त्र -1 का।
- 30 मिनट तक हवा में उड़ान भर सकता है यह आधुनिक ड्रोन।
- 15 किमी की दूरी तक 1 किलो का हथियार ले जाने।
- 30 किमी तक 2.2 किलो का हथियार ले जा सकेगा उन्नत संस्करण