
जकार्ता। इंडोनेशिया के पश्चिमी प्रांत बैंटन में बुधवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। देश की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने बताया कि भूकंप जकार्ता समयनुसार आज सुबह 07:53 बजे आया। जिसका केंद्र समुद्र तल के नीचे स्थित था और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.7 मापी गई। भूकंप के झटके के बाद देश में सुनामी आने की कोई सूचना नहीं है। एजेंसी ने इससे पहले समुद्र के अंदर आए भूकंप की तीव्रता को संशोधित करने से पहले 5.9 की तीव्रता जारी की थी।
भूकंप का केंद्र सुकाबुमी रीजेंसी से 77 किमी दक्षिण पश्चिम में और 63 किमी की गहराई में स्थित था। एजेंसी के अनुसार, भूकंप के झटकों के कारण बड़ी लहरों की कोई संभावना नहीं। इंडोनेशिया एक द्वीपसमूह ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ नामक एक संवेदनशील भूकंप-झटके वाले क्षेत्र पर स्थित होने के कारण अक्सर भूकंप से प्रभावित होता रहा है।
आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?
भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।
कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।
किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है
- 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
- वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
- 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो।
- 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
- 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
- 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
- 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
- 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
- 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।
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