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मध्य पूर्व संघर्ष पर पुतिन का बड़ा बयान, संघर्ष को खत्म करने में मदद के लिए हर संभव कोशिश करने का वादा किया

TASS रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन ने कहा ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए किए वास्तविक प्रयास, अमेरिका-ईरान वार्ता गतिरोध में फंसी है। हम इस स्थिति को सुलझाने में योगदान देने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ करने को तैयार हैं। पुतिन ने कहा कि ईरान ने अपने खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के लिए वास्तविक प्रयास किए हैं।
मध्य पूर्व संघर्ष पर पुतिन का बड़ा बयान, संघर्ष को खत्म करने में मदद के लिए हर संभव कोशिश करने का वादा किया

मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बातचीत के दौरान मध्य पूर्व के संघर्ष को खत्म करने में मदद के लिए हर संभव कोशिश करने का वादा किया। रूस की समाचार एजेंसी टास की रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों की बैठक में पुतिन ने कहा- हम इस स्थिति को सुलझाने में योगदान देने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ करने को तैयार हैं। पुतिन ने कहा कि ईरान ने देश के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के लिए वास्तविक प्रयास किए हैं।

ईरान बोला- कूटनीतिक समाधान से पीछे नहीं हटेंगे

वहीं, ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा कि ईरान संघर्ष का कूटनीतिक समाधान खोजने के प्रयासों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा- हम बातचीत कर रहे हैं,  हालांकि जब भी हम अमेरिका से बात करते हैं वे नए हमले शुरू कर देते हैं। फिर भी हम बातचीत की मेज से पीछे नहीं हटेंगे। फरवरी 2022 में यूक्रेन में युद्ध शुरू करने के बाद से रूस और ईरान ने अपने राजनयिक और सैन्य संबंधों को मजबूत किया है और वे एक-दूसरे पर अधिक निर्भर हो गए हैं। पुतिन और पेजेशकियन पिछले महीने किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान भी मिले थे। ये हालिया बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब ईरान-अमेरिका वार्ता गतिरोध में फंसी हुई दिख रही है। पेजेशकियन ने इस सप्ताह कहा था कि वॉशिंगटन के साथ बातचीत बेमानी है।

दोनों पक्ष कर रहे हमले तेज

यूक्रेन में रूस के युद्ध को सुलझाने की कूटनीतिक कोशिशें भी रुकी हुई लगती हैं। इस बीच दोनों पक्ष अपने हमले तेज कर रहे हैं। पुतिन और पेजेश्कियन कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS) समिट में हिस्सा ले रहे हैं। इस समिट में पूर्व सोवियत गणराज्यों (जैसे आर्मेनिया, अजरबैजान और बेलारूस) के साथ-साथ तुर्कमेनिस्तान और मध्य एशिया के दूसरे देशों के नेता भी शामिल हो रहे हैं। क्रेमलिन में विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि समिट के दौरान होने वाली कई द्विपक्षीय मुलाकातों में पुतिन और पेजेश्कियन की मुलाकात भी शामिल थी।

ट्रंप ने कहा- युद्ध या तो लड़ाई से खत्म होगा या समझौते से

इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। यह या तो लगातार सैन्य कार्रवाई से या फिर वॉशिंगटन की शर्तों पर किसी समझौते से खत्म होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस अमेरिका को लाखों बैरल तेल भेज रहा है और तेल की कीमतें तेजी से गिर रही हैं। न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में ऑनसेंटर में एक चुनावी रैली के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने इस टकराव को काफी हद तक काबू में कर लिया है और दावा किया कि उसकी सेना ने ईरान की नौसेना और वायु सेना की क्षमताओं को बेअसर कर दिया है।

अमेरिका ने हूती हमलों को रोकने और ईरान से उन्हें समर्थन बंद करने की मांग की

अमेरिका ने यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों से सऊदी अरब और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार पर हमले रोकने को कहा। साथ ही अमेरिका ने तेहरान से इस समूह को दी जा रही सभी तरह की मदद बंद करने की मांग की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए यूएन में प्रबंधन और सुधार मामलों के अमेरिकी राजदूत जेफ बार्टोस ने हूती विद्रोहियों पर आरोप लगाया कि वे ईरान के इशारे पर समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। बार्टोस ने कहा, यह पैटर्न बिल्कुल साफ है। हूती विद्रोही तेहरान के मोहरे के तौर पर काम करते हुए समुद्री आवाजाही की आज़ादी को खतरे में डालते हैं। वे क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और निर्दोष नागरिकों में दहशत फैलाते हैं। उन्होंने आगे कहा- हम मांग करते हैं कि हूती विद्रोही यमन और सऊदी अरब की वैध सरकारों के खिलाफ हमले बंद करें। हम ईरान से भी मांग करते हैं कि वह हूती विद्रोहियों को दी जाने वाली सभी तरह की मदद बंद करे। 

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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