
नोएडा। उज्बेकिस्तान में कफ सिरप से कथित रूप से 18 बच्चों की मौत के मामले में नोएडा स्थित दवा कंपनी के 3 अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, दवा के नमूनों के मानकों पर खरा नहीं पाए जाने के बाद गाजियाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर की शिकायत पर थाना फेस-3 में बीती रात एक मामला दर्ज किया गया। भारत के सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन (CDSCO) के ड्रग इंस्पेक्टर ने यह शिकायत की थी। इसमें भारतीय कंपनी मैरियन बायोटेक के दो डायरेक्टर सहित पांच लोगों के नाम थे।
दवा उत्पादन लाइसेंस हो चुका है सस्पेंड
बता दें कि इससे पहले उज्बेकिस्तान में कथित तौर पर 18 बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने सेक्टर-67 स्थित दवा फर्म मैरियन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड का दवा उत्पादन लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दवा रिकार्ड मेंटनेंस के अलावा रॉ मैटेरियल खरीद की जानकारी समय से नहीं उपलब्ध कराने पर कंपनी का दवा उत्पादन लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है।
सेक्टर 67 स्थित एक दवा बनाने की कंपनी में निर्मित कफ सिरप मानकों के ऊपर खरा नहीं उतरा। कार्यालय ने बताया कि इस मामले में कंपनी की डायरेक्टर जया जैन, सचिन जैन, ऑपरेशन हेड तुहीन भट्टाचार्य, मैन्युफैक्चरिंग केमिस्ट अतुल रावल और मूल सिंह आदि के खिलाफ धारा 274, 275, 276 ,औषधि प्रसाधन सामग्री अधिनियम 17,17ए,17 -बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है : पुलिस आयुक्त कार्यालय
कंपनी का मालिक फरार
कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने तुहीन भट्टाचार्य, अतुल रावत और मूल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के मालिक-मालकिन फरार हो गए हैं। फिलहाल, उनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
ये भी पढ़ें- अब उज्बेकिस्तान का भारतीय दवा कंपनी पर आरोप, कहा- दवा पीने से 18 बच्चों की मौत हुई