
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत के हिंदुओं को चेताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता है। राष्ट्र तब सशक्त रहेगा, जब हम एक रहेंगे-नेक रहेंगे। बंटेंगे तो कटेंगे।
‘आगरा के कण-कण में कन्हैया का वास’
दरअसल, जन्माष्टमी के अवसर पर सीएम योगी आगरा पहुंचे थे। यहां उन्होंने पुरानी मंडी में राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर की प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा का अनावरण करने के बाद उन्होंने कहा कि आगरा के कण-कण में कन्हैया का वास है। यहां कला है, आस्था है, समर्पण है, विश्वास है। ये ही राष्ट्र निष्ठा बढ़ाती है। समाज, जाति, भाषा के नाम पर बांटने वाली ताकतों से सावधान रहना होगा।
सीएम योगी ने कहा कि दुर्गादास राठौड़ का यही संकल्प था। सबसे बड़ी सत्ता के सामने जमींदारों के लिए घुटने टेक दिए थे। उनका कोई नाम लेने वाला नहीं है दुर्गादास का नाम मारवाड़, एमपी में अमर है। हमें महापुरुषों का नाम याद रखना होगा। बांग्लादेश से सबक सीखिए, एक रहना है बंटना नहीं है। बटेंगे तो कटेंगे और एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे।
CM योगी ने औरंगजेब को बताया दुष्ट
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने अपने भाषण में मुगल बादशाह औरंगजेब को दुष्ट बताते हुए कहा कि उसका संबंध भी इसी आगरा से था। उन्होंने कहा कि इसी आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज ने औरंगजेब की सत्ता को चुनौती दी थी और उससे कहा था कि तुम चूहे की तरह ऐसे तड़पते रह जाओगे, लेकिन हिन्दुस्तान पर तुझे कब्जा तो नहीं करने देंगे।
सीएम योगी ने उस कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान में उस समय इस मोर्चा को संभाल रहे थे जोधपुर के नरेश जसवंत सिंह। महाराजा जसवंत सिंह के महत्वपूर्ण सेनापति थे वो वीर दुर्गादास राठौड़ थे। कई बार प्रयास किया औरंगजेब ने जोधपुर पर कब्जा करने का, लेकिन सफल नहीं हो पाया क्योंकि जहां दुर्गादास जैसे वीर हों, वहां ऐसा कर पाना संभव नहीं है।
सीएम ने दोहराए पीएम मोदी के संकल्प
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने पीएम मोदी के पांच संकल्प भी दोहराए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि गुलामी के प्रतीकों को समाप्त करेंगे। अपने वीरों और सैनिकों का सम्मान करेंगे। एकता और एकात्मता के लिए कार्य करेंगे। किसी को भी समाज में विद्वेष फैलाने की छूट नहीं देंगे। जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर तमाम अन्य वादों के आधार पर बांटने वालों से सावधान करेंगे। अपने नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करेंगे।